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विजिटर वीजा पर पाकिस्तान से भारत आये कई लोग लापता, तलाश जारी

आजादी के बाद से पाकिस्तान से विजिटर वीजा पर भारत आये 31 पाकिस्तानियों की अब तक कोई खोज खबर नहीं है. इनके बारे में यहां से लेकर पाकिस्तान तक तलाश हुई लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को उनका सुराग नहीं मिला

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Lucknow : आजादी के बाद से पाकिस्तान से विजिटर वीजा पर भारत आये 31 पाकिस्तानियों की अब तक कोई खोज खबर नहीं है. इनके बारे में यहां से लेकर पाकिस्तान तक तलाश हुई लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को उनका सुराग नहीं मिला. भारत आने के बाद वे कहां गये? इसका भी कोई लेखा-जोखा नहीं है.  पाकिस्तान से भारत आने वाले लापता पाकिस्तानियों की फेहरिस्त काफी लंबी थी, लेकिन दस्तावेजों के अनुसार  इनमें से कई 100 साल की उम्र पार कर चुके हैं, लिहाजा खुफिया एजेंसियों ने उनका पीछा छोड़ दिया है.  माना जा रहा है कि अब उनमें से ज्यादातर इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन जिनकी उम्र 75 वर्ष तक है, उनके बारे में छानबीन की जा रही है.  खुफिया एजेंसियां पाकिस्तानियों के लापता होने का सच जानने के लिए दस्तावेजों की भी छानबीन कर रही हैं.  यहां के मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने हाल ही में खुफिया एजेंसियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था के तहत एजेंसियों द्वारा किये जा रहे उपायों का जायजा लिया तो 31 लापता पाकिस्तानियों की खबर सामने आयी. मंडलायुक्त ने एटीएस और इंटेलिजेंस यूनिट को लापता पाकिस्तानियों को तलाशने और उनके बारे में पूरी जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिये हैं.

ज्यादातर पते फर्जी ही मिल रहे हैं 

मंडलायुक्त के निर्देश के बाद एटीएस और इंटेलिजेंस विंग ने लापता पाकिस्तानियों के बारे में छानबीन तेज कर दी है.  उनका पता लगाने के लिए उन्हीं लोगों के बारे में छानबीन की जा रही है, जिनके पते पर वे विजिटर वीजा पर भारत आये थे.  पाकिस्तानियों की छानबीन में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि भारत आने के बाद लापता होने वाले पाकिस्तानियों में ज्यादातर कराची के रहने वाले हैं, इसीलिए उनकी छानबीन तेज कर दी गयी है.    पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लखनऊ में उनके आने का मकसद क्या था? जिन लोगों के पते पर वे लोग लखनऊ आये थे, उनके बारे में भी छानबीन की जा रही है, हालांकि ज्यादातर पते फर्जी ही मिल रहे हैं. 

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