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टेनिस क्रिकेट खेल राज्य के कई युवा बना रहे हैं अपना करियर

कम खर्च में खिलाड़ी बन रहे युवा, राष्ट्रीय टेनिस क्रिकेट में शामिल होंगे राज्य के युवा.

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Ranchi : टेनिस और क्रिकेट दोनों ही खेलों से हम वाकिफ हैं. लेकिन एक ऐसा भी खेल है जो इन दोनों खेलों के नाम से बना है, टेनिस क्रिकेट. क्रिकेट का बल्ला और टेनिस के गेंद से खेले जाने वाले इस खेल में क्रिकेट के समान ही 11 खिलाड़ी होते है. पिछले चार सालों में राज्य के युवाओं ने टेनिस क्रिकेट में अच्छी सफलता हासिल की है. न सिर्फ राज्य स्तर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस खेल में राज्य के खिलाड़ी अब शामिल हो रहे है. साथ ही सूबे का परचम लहरा रहे हैं. इस खेल की खासियत यह है कि 200 रूपये के बल्ले और 30 रूपये के बॉल से कोई भी खिलाड़ी अपने करियर की शुरुआत इस क्षेत्र में कर सकता है. ऐसे में कहा जा सकता है कि यह खेल अमीर से लेकर गरीब हर किसी के बजट में है.

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चार साल में मिली सफलता

झारखंड स्टेट टेनिस क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव साजन सिंह ने जानकारी दी कि चार साल पूर्व एसोसिएशन को इंडियन टेनिस क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से मान्यता मिली. जिसके बाद एसोसिएशन के कार्य में तेजी आयी. मान्यता मिलने के बाद से ही एसोसिएशन से अधिक से अधिक युवा जुड़ते गये और अब तक लगभग  3000 युवाओं ने इस खेल में अपना कैरियर बना लिया है. जो कहीं प्रशिक्षक के रूप में तो कहीं इसी खेल में और आगे बढ़ने के लिये प्रयासरत है.

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राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हो रहे हैं युवा

साजन ने बताया कि इनके एसोसिएशन से राज्य भर के युवा जुड़े हुए है. जिन्हें प्रशिक्षित कोचों से ट्रेनिंग दी जाती है. राज्य स्तर के विभिन्न प्रतियोगिताओं के बाद अब यहां के युवा राष्ट्रीय स्तर पर भी चयनित हो रहे है. इस वर्ष 29 अक्टूबर से राजस्थान में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से 64 वां नेशनल गेम्स का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें राज्य से अंडर 17 ब्वॉयज, अंडर 19 ब्वॉयज और अंडर 19 गर्ल्स की टीम जा रही है. प्रत्येक टीम में 16 खिलाड़ी होते है, जिसमें से 11 खिलाड़ी मैच खेलते है.

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खेल से होता है अनुभव प्राप्त : आशीष

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मांडर निवासी 21 वर्षीय आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि ये पिछले चार साल से टेनिस क्रिकेट खेल रहे है. स्टेट लेवल में अपना नाम दर्ज कराने के बाद अब ये नेशनल गेम्स में शामिल होने राजस्थान जाने के लिये तैयार है. इन्होंने बताया कि पिता के राशन की दुकान होने के कारण घर से पैसा जुटा कर खेलना काफी मुश्किल था. परिवारिक सहयोग नहीं मिलने से कई बार लगता था कि खेल छोड़ देना चाहिये, लेकिन किसी तरह आगे बढ़ते बढ़ते नेशनल लेवल पर खेलने का अवसर मिला और इसी दौरान नेशनल के लिये अमृतसर जाना हुआ. वहां जा कर खिलाड़ियों से मिल कर जानकारी हुई कि खेल में कैसे कैरियर बना सकते है. अब नेशनल खेल के लिये राजस्थान जाना है. ऐसे में तैयारी पूरी है कि इस बार राज्य का नाम रौशन कर के ही आना है.

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लड़कों को देना है टक्कर : विनीता

लालपूर निवासी 22 वर्षीय विनीता कुमारी बीटेक कर चुकी है. ये दो साल से खेल से जुड़ी है. पिछले वर्ष एसजीएफआइ की ओर से अमृतसर में आयोजित नेशनल गेम्स में शामिल हो चुकी है. इस वर्ष भी ये राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिये राजस्थान जाने वाली है. ये टेनिस क्रिकेट में विभिन्न स्तरों में आयोजित खेल में भाग ले चुकी है. जिसमें स्टेट लेवल सिनियर नेशनल में राज्य को इनकी टीम ने तीसरा स्थान दिलाया था. इन्होंने बताया कि शुरू में पढ़ाई के साथ खेल में ध्यान लगाना काफी कठिन था, लेकिन अभ्यास करते रहने से कुछ भी मुश्किल नहीं रहा. विनिता का कहना है कि वे अब इसी खेल में आगे बढ़ेंगी. इन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र से जुड़े रहने पर कभी लड़के और लड़कियों की भावना मन में नहीं आती. ऐसे में लगता है कि लड़कियां भी हर क्षेत्र में लड़कों को टक्कर दे सकती है.

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कैरियर के लिये है अच्छा प्लेटफॉर्म : राहुल

राहुल नाथ शाही बिजुपाड़ा के रहने वाले है. जो पिछले दो साल से इस खेल से जुड़े है. अपने लगन और मेहनत के कारण इन्हें विभिन्न स्तरों पर आयोजित प्रयोगिताओं में शामिल होने का अवसर मिला. जिसके लिये मुरादाबाद, अमृतसर समेत कई जगह जा चुके है. वहीं इस वर्ष भी ये राष्ट्रीय खेल में शामिल होंगे. इन्होंने बताया कि खेल से शुरू में जुड़ने के बाद लगा कि शायद इसमें कैरियर न हो. वहीं घर से भी तरह तरह के दबाव रहते थे. ऐसे में लगता था कि खेल छोड़ दिया जायें. लेकिन टीम कोच और सीनियर्स के समझाने पर खेल में आगे बढ़ने से जानकारी हुई कि मेहनत और धैर्य के बल पर ही कामयाबी मिलती है. अब राज्य का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है और अलग अलग लोगों से मिलने से जानकारी होती है कि खेल करियर बनाने के लिये सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म है.

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