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मनमोहन सरकार ने दी थी मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, लेट निर्माण कर भाजपा सरकार लगी है वाहवाही लूटने में: कांग्रेस 

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Palamu: पलामू मेडिकल कॉलेज में बुधवार से से पढ़ाई की शुरुआत हो गयी, लेकिन पलामू सहित राज्य के तीन मेडिकल कॉलेज को लेकर जारी राजनीति अभी नहीं रुकी है. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज को पूरा करके भाजपा सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, उसकी स्वीकृति मनमोहन सिंह की सरकार ने पहले ही दे दी थी. भाजपा सरकार के कार्यकाल में काफी लेट से इसे केवल बनवा कर पढ़ाई शुरू करायी गयी है.

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उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भाजपा सरकार खूब वाहवाही लूट रही है. जनवरी-फरवरी 2014 में मनमोहन सिंह सरकार ने झारखंड में मेडिकल की तीन कॉलेजों की स्वीकृति की थी. इसके बाद मार्च माह में आचार संहिता लग गयी.

चुनाव के बाद सरकार बदल गयी और भाजपा की सरकार आयी. इसका फायदा भाजपा सरकार ने उठाया और मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भाजपा सरकार यह कहती फिर रही है कि मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति उनके कार्यकाल में दिलायी गयी.

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श्री त्रिपाठी ने बताया कि तत्कालीन मंत्री राजेन्द्र सिंह ने एक कॉलेज बेरमो, अन्नपूर्णा देवी ने एक कॉलेज कोडरमा एवं एक कॉलेज संथाल परगना में ले जाने का प्रस्ताव दिया था. लेकिन मैंने तर्कसंगत रूप से आग्रह किया कि एक कॉलेज पलामू को दिया जाये. अंततः राजेन्द्र सिंह ने स्वीकृति देकर एक कॉलेज पलामू को दे दिया.

पलामू में दो वर्षों की जगह पांच वर्ष में पूरा हुआ

पलामू में मेडिकल कॉलेज दो वर्षों में पूरा हो जाना चाहिए था. परन्तु वर्तमान अक्षम सरकार ने दो वर्षों के बजाय इसे पूरा कराने में पांच वर्ष लगा दिये. अब भी निर्माण कार्य अधूरा है, लेकिन आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज में पढ़ायी की शुरुआत कर दी गयी है.

अब भी हॉस्टल एवं अन्य संसाधन अधूरे पड़े हैं. अभी 70 सीटों पर नामांकन हुआ है. 30 सीटों पर नामांकन बचा हुआ है. बची हुए सीटों पर भी नामांकन जल्द से जल्द करें, क्योंकि अब आचार संहिता लगनेवाली है.

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