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मणिपुरः सीएम पर गंभीर आरोप लगाने वाली महिला पुलिस अधिकारी को लॉकडाउन नियम उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया

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Imphal: इंफाल पुलिस ने तीन पुलिस अधिकरियों को लॉकडाउन संबंधी नियमों के उल्लंधन करने के आरोप में हिरासत में लिया. इनमें महिला पुलिस अधिकारी थोउनाओजन बृंदा भी शामिल हैं.  थोउनाओजम बृंदा वही पुलिस अधिकारी हैं, जिन्होंने सीएम एन. बीरेन सिंह और राज्य में भाजपा के एक शीर्ष नेता पर एक कथित ड्रग डीलर को छोड़ने के लिए उन पर दबाव डालने का आरोप लगाया था.

इम्फाल फ्री प्रेस के मुताबिक, सोमवार रात को संगिप्राउ लामखाई में लॉकडाउन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर बृंदा और उसके साथियों को अस्थायी रूप से हिरासत में लिया गया था.

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सीएम एन. बीरेन सिंह पर लगाये थे गंभीर आरोप

बता दें कि महिला पुलिस अधिकारी बृंदा ने जुलाई की शुरुआत में प्रदेश के सीएम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाये थे. 13 जुलाई को थौनाओजम बृंदा ने मणिपुर हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल पर सूबे के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर गिरफ्तार ड्रग माफिया लुहखोसेई जोउ को छोड़ने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था.

अपने हलफनामे में बृंदा ने बताया कि उन्हें जोउ को छोड़ने का दबाव बनाया गया और उसके खिलाफ दायर कोर्ट में दायर चार्जशीट को हटाने को कहा गया। बृंदा ने 19 जून, 2018 को ड्रग माफिया को 28 करोड़ रुपये की ड्रग और नकदी के साथ गिरफ्तार किया था।

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बृंदा के हलफनामे के मुताबिक,लुखाउसी जू है, जिसे ड्रग्स कार्टेल का सरताज माना जाता है. वह चंदेल जिले में भाजपा का एक स्थानीय नेता भी है.

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अदालत की अवमानना का मामला भी हुआ दर्ज

बता दें कि कोर्ट ने 21 मई को ड्रग माफिया जोउ की अंतरिम जमानत को मंजूरी दे दी. जिसके बाद महिला पुलिस अधिकारी ने एनडीपीएस अदालत के फैसले की फेसबुक पर आलोचना की थी। इस संबंध में अदालत ने उन पर अवमानना का मामला दर्ज किया है.

वहीं सीएम सिंह ने अदालत में एक याचिका दाखिल कर अधिकारी को उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान देने और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप से संबंधित सामग्री को मीडिया में प्रकाशित करने से रोकने का आदेश देने का आग्रह किया गया था. जिस पर कोर्ट ने थोउनाओजम बृंदा और कुछ समाचार पत्रों सहित 10 अन्य प्रतिवादियों को मौखिक रूप से मानहानिकारक बयान देने, रिपोर्टिंग करने या प्रकाशित करने से बचने का निर्देश दिया है.

हिरास्त में लेने को लेकर बृंदा ने किया पोस्ट

हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस अधिकारी बृंदा ने फेसबुक पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी. बृंदा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘काकचिंग कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार, रात 12.40 बजे क्वाकीथेल एफसीआइ क्रॉसिंग पर मुझे, सोनिया फरिम्बम और तेनाव को इम्फाल वेस्ट पुलिस द्वारा कर्फ्यू उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया गया.रात होने के कारण मेरे पति कर्फ्यू उल्लंघन के लिए जुर्माना भरने और हम महिलाओं को छुड़ाने के लिए सहमत हो गए और लेकिन उन्होंने मना कर दिया. पुलिस कह रही है कि लमपेल पुलिस मुझे गिरफ्तार करने आ रही है. हम पूरी तरह से वर्दीधारी में सशस्त्र पुलिसकर्मियों से घिरे हुए हैं.’

उन्होंने अफने पोस्ट में आगे आरोप लगाया कि पुलिस ने यह बताने से इनकार कर दिया है कि उन्हें किन आरोपों में हिरासत में लिया गया है. उनके बयान लिये गये, तस्वीरें ली गईं और दो घंटे बाद जाने दिया गया.

वहीं संगई एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, मंगलवार को इम्फाल के पुलिस महानिरीक्षक के. जयंता ने कहा कि पुलिस बृंदा की निगरानी नहीं कर रही है और ना ही उन्हें निशाना बनाने का कोई इरादा था. इधर इम्फाल वेस्ट जिले के एसपी के. मेघचंद्र ने एक बयान में कहा कि बृंदा जिस कार में सवार थीं उसे चलाने वाली महिला ने खुद की पहचान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में की थी. हालांकि, उचित सत्यापन से पहले वह वाहन को लेकर आगे चली गईं जिसके बाद एक चेतावनी जारी की गई.

इम्फाल फ्री प्रेस की खबर के अनुसार, पुलिस ने आरोप लगाया है कि वाहन में रहने वालों ने उनकी यात्रा का विवरण देने से इनकार कर दिया और उनका रवैया भी ठीक नहीं था. इसके बाद बृंदा को अंदर बुलाया गया और पुलिस टीम को वाहन का निरीक्षण करने की अनुमति दी गई.

पुलिस ने ये भी कहा कि एक चालान काटकर 2.30 बजे उन्हें को जाने दिया गया. वहीं, बाद में एक बयान जारी कर आरोप लगाया गया कि बृंदा का रवैया गैर-जिम्मेदारना है, और वो अपने दोस्तों के साथ पांच जिलों में गई थीं.

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