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#NDA में सीटों की हेरफेरः आजसू के खाते में जा सकती है डुमरी,सिंदरी,ईचागढ़,हुसैनाबाद,पाकुड़ और गोमिया विधानसभा सीट

Ranchi: विधानसभा चुनाव में टिकटों को लेकर राज्य के प्रमुख गठबंधन में मंथन जारी है. एनडीए में जहां सीटों की हेरफेर की खबर है, वहीं महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जिच जारी है.

इस बीच चर्चा है कि एनडीए का घटक आजसू पार्टी को 2014 के मुकाबले पांच नई सीटें मिल सकती है. जिसमें डुमरी, सिंदरी, इचागढ़, हुसैनाबाद, पाकुड़ और गोमिया विधानसभा सीटें शमिल हैं. भाजपा सूत्रों के मुताबिक, आजसू ने 19 सीटों की मांग बीजेपी के समक्ष रखी है.

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वहीं दूसरी ओर आजसू पार्टी 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रही है. इसे देखते हुए भाजपा अलर्ट है. हालांकि बीजेपी, आजसू को 11 सीटें देने के मूड में है, बात नहीं बनने पर एक-दो सीटें बढ़ायी जा सकती है.

आजसू के तेवर पर भाजपा अलर्ट

वैसे तो भाजपा ने इस विधानसभा चुनाव में 65 पार का लक्ष्य लखा है. लेकिन आजसू भी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी पार्टी को मजबूत कर विधानसभा पहुंचाना चाहता है. आजसू की रणनीति को देखते हुए भाजपा में भी बेचैन का माहौल है.

फिलहाल बीजेपी, आजसू को छोड़ने का रिस्क नहीं उठा सकती. क्योंकि इससे उसको नुकसान ही होगा.

आजसू के अलग हो जाने से जहां वोट बंटने का डर है, वहीं पिछले कई सालों में पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो ने कुर्मी समुदाय में एक बड़े नेता के रूप में अपनी पहचान बनायी है.

साथ ही पार्टी में आधिक युवाओं को जोड़ पार्टी कार्यक्रम को धारदार बनाने का काम भी आजसू ने सिल्ली उपचुनाव में पराजय के बाद शुरू कर दिया था, जिसका प्रभाव भी इलाके में दिखने लगा. इन बातों से भाजपा भी वाकिफ है.

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2014 विस चुनाव में आजसू का प्रर्दशन सबसे बेहतर

2014 के विधानसभा चुनाव में आजसू ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा. जिसमें 5 सीटों पर उसे जीत मिली. वही तीन सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों ने बेहतर प्रर्दशन किया. गोमिया उपचुनाव में भी आजसू ने बेहतर प्रर्दशन किया था.

2014 में एनडीए गठबंधन के तहत आजसू को 8 सीटें मिली थी. ऐसे में पार्टी के कई नेताओं को टिकट नहीं मिल पाया, और उन्होंने पार्टी बदलकर चुनाव लड़ा.

ऐसे में अगर इस बार भी कम सीटें मिलती है, तो आजसू के कुछ नेता पलायन कर दूसरे दलों में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, पार्टी 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रही है.

2014 में आजसू के तीन नेताओं ने छोड़ी पार्टी, दूसरे दल से बने MLA

2014 में एनडीए गठबंधन के तहत आजसू को अपनी सीटिंग सीट हटिया गंवानी पड़ी थी. टिकट नहीं मिलने से नाराज नवीन जायसवाल ने बागी होकर झारखंड विकास मोर्चा का दामन थामा और चुनाव जीते. हालांकि, चुनाव जीतने के कुछ समय बाद ही वो पांच अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गये.

इसी तरह चक्रधरपुर सीट से आजसू नेता शशिभूषण को टिकट नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा में पलायन कर चुनाव लड़ा और जीता. गोमिया विधानसभा सीट भी गठबंधन के तहत आजसू के खाते में नहीं आयी और यहां से पार्टी नेता बागी होकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के शरण में चले गए और चुनाव जीते.

इन सीटों पर आजसू की है दावेदारी

आजसू इन विधानसभा सीटों पर दावा कर रही है. सिल्ली, रामगढ़, जुगसलाई, टुंडी, तमाड़, चंदनकियारी, बड़कागांव, लोहरदगा, मांडू, गोमिया, पाकुड़, पांकी, डुमरी, चक्रधरपुर, सिमरिया, सरायकेला, जरमुंडी, सिंदरी, और ईचागढ़ शामिल हैं.

इसके साथ ही हुसैनाबाद से विधायक शिवपूजन सहाय के आजसू में शामिल हो जाने से इस सीट पर भी पार्टी अपना दावा ठोक रही है.

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