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मंडल डैम योजना भाजपा का चुनावी स्टंट, झारखंड नहीं, बिहार होगा लाभान्वित : हेमंत सोरेन

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  • मौजूदा जल बंटवारे को रद्द करने की हेमंत ने की मांग
  • कहा- बिना किसी सर्वे और आकलन के शुरू होने से बिहार को हो रहा फायदा
  • जमीन झारखंड की जायेगी, गांव झारखंड के उजड़ेंगे, विकास होगा बिहार का

Ranchi : मंडल डैम योजना शिलान्यास कार्यक्रम को भाजपा का चुनावी स्टंट बताते हुए नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने मौजूदा जल बंटवारे के फॉर्मूले को रद्द करने की मांग की है. रविवार को अपने आवास में आयोजित प्रेसवार्ता में हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्तमान फॉर्मूले के अनुसार डैम का 75% पानी बिहार को एवं 25% पानी झारखंड को मिलेगा, जो कि राज्य के किसानों के लिए सही नहीं है. अगर ऐसा होता है, तो यह कहने में कोई परहेज नहीं कि जमीन झारखंड की जायेगी, गांव झारखंड के उजड़ेंगे, लेकिन विकास बिहार का होगा.

सीएम और मंत्री को दी खुली चुनौती

प्रेसवार्ता के दौरान हेमंत ने सीएम रघुवर दास और जल संसाधन मंत्री चंद्र प्रकाश चौधरी को खुली चुनौती दी. कहा कि अगर हिम्मत है, तो दोनों संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलामू-गढ़वा क्षेत्र के लोगों को बतायें कि मंडल डैम से क्षेत्र के लोगों को कितना प्रतिशत पानी मिलेगा. पीएम मोदी ने कहा था कि मंडल डैम से 24 मेगावाट बिजली उत्पादित होगी और यह बिजली झारखंड को मिलेगी. लेकिन, पीएम को यह समझना चाहिए कि वर्तमान में पलामू-गढ़वा जैसे सूखाग्रस्त इलाकों के लोगों को असल में जरूरत पानी की है.

बिहार को होगा सबसे अधिक फायदा

हेमंत ने कहा कि वर्ष 2019 का पूरा साल चुनावों से भरा है. ऐसे में भाजपा एक बार फिर अपने झूठे वादे और जुमलों के साथ जनता के बीच आने का प्रयास कर रही है. प्रवासी मुख्यमंत्री रघुवर दास ने तो अपने अब तक के शासनकाल में केवल शिलान्यास कार्यक्रम और सत्यानाश की रणनीति को ही प्राथमिकता दी है. उस कड़ी में उन्होंने पीएम मोदी को भी जोड़ दिया है. कहा कि मंडल डैम योजना 1972 से पेंडिंग थी, जिसे मुख्यमंत्री ने बिना किसी सर्वे और आकलन के शुरू कर दिया. इसी कारण योजना का ज्यादा फायदा बिहार को होना तय है. ऐसा करने के पीछे भाजपा के सहयोग से चल रही बिहार सरकार को चुनावी लाभ पहुंचाना है.

30 से अधिक गांव डूबेंगे, विस्थापित होंगे लोग

मंडल डैम से राज्य के किसानों को होनेवाले नुकसान की बात करते हुए हेमंत सोरेन ने बताया कि योजना से जमीन तो झारखंड की जायेगी, गांव झारखंड के जुड़ेंगे, लेकिन विकास का कार्य बिहार में होगा. इससे राज्य के 30 से अधिक गांव तथा शहीद नीलांबर-पीतांबर का गांव चेमोसरिया डूब जायेगा. राज्य के किसान और गरीब, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग विस्थापित होंगे. इसके बावजूद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राज्य के विकास की बात करते हैं. यह एक तरीके से राज्य के किसानों को छलने का तरीका है.

प्रवासी सीएम की नीतियों का विरोध करेगा जेएमएम

सीएम रघुवर दास पर निशाना साधते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसा पहला मुख्यमंत्री देखा है, जो बाहर के लोगों को बुलाकर राज्य का सारा पानी उन्हें देने की नीतियों पर काम कर रहे हैं. ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि वर्तमान मुख्यमंत्री झारखंडी नहीं हैं. सत्ता में बैठ वह दिल्ली, मुंबई, गुजरात में बैठे झारखंड को लूटनेवालों के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं. जेएमएम सहित पलामू की जनता और किसान ऐसे प्रवासी सीएम की हर नीति का विरोध करेंगे.

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