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फेडरल फ्रंट बनाने में जुटी ममता एनआरसी मुद्दे को भुनाने की जुगत में,  सोनिया, शरद से मिलेंगी

असम के एनआरसी रजिस्टर पर विपक्ष सरकार को घेरने में लगा हुआ है. संसद में हंगामा हो रहा है.

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NewDelhi : असम के एनआरसी रजिस्टर पर विपक्ष सरकार को घेरने में लगा हुआ है. संसद में हंगामा हो रहा है. इस मुद़दे पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी सबसे मुखर है. खबरों के अनुसार वे भाजपा के खिलाफ मोर्चेबंदी की कवायद में पूरी तरह से जुट चुकी हैं. बताया गया है कि असम में एनआरसी रजिस्टर पर केंद्र के खिलाफ बिगुल फूंकने वाली घेरने वाली ममता मंगलवार को यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के अलावा कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात करेंगी.

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ममता की यह मुलाकात उनकी फेडरल फ्रंट बनाने की कवायद का हिस्सा है. यह तय है कि ममता नैशनल रजिस्टर पर भाजपा को घेरने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में है.

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एनआरसी मुद्दे पर राजनाथ सिंह से भी करेंगी मुलाकात

ममता केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मिलनेवाली हैं. टीएमसी सूत्रों के अनुसार ममता भाजपा छोड़ चुके यशवंत सिन्हा और शत्रुध्न सिन्हा के अलावा राजद  नेता तेजस्वी यादव से भी मिलेंगी. पूर्व जदयू नेता शरद यादव, एनसीपी चीफ शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला जैसे नेताओं से भी मिल सकती हैं. बता दें कि कुछ समय पहले ही ममता नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता व जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला से मिली हैं. अभीतक फेडरल फ्रंट में कांग्रेस को शामिल करने से हिचकिचाने वाली ममता भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश के तहत अपना रुख लचीला बना रही है.

बता दें कि ममता बनर्जी ने इस मसले पर बांग्ला कार्ड खेल दिया है. वह केंद्र सरकार पर हमलावर हैं.  यह भी कहा गया है कि एनआरसी के मुद्दे पर टीएमसी के सांसद असम जायेंगे. एक बात और कि कांग्रेस भी एनआरसी पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है. पश्चिम बंगाल से कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस संबंध में लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.  

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ममता का आरोप, सरकार जबरन लोगों को देश से निकालना चाह रही है

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ममता ने सोमवार को आरोप लगाया था कि आधार कार्ड, पासपोर्ट रहने के बावजूद सूची में लोगों का नाम नहीं है. लोगों के नाम जानबूझ कर हटाये गये हैं. कहा कि सरनेम देखकर लोगों का नाम एनआरसी की लिस्ट से हटाया गया है. ममता का आरोप है कि सरकार जबरन लोगों को देश से निकालना चाह रही है. ममता ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि रजिस्टर की लिस्ट से बंगाली समुदाय प्रभावित होगा. ममता ने कहा, ‘जिन 40 लाख लोगों के नाम लिस्ट में नहीं हैं, वह कहां जायेंगे. इसे बंगाल को ही भुगतना पड़ेगा. यह सिर्फ भाजपा की वोट पॉलिटिक्स है.  ममता आज दिल्ली के कैथोलिक चर्च से जुड़ी एक संस्था के कार्यक्रम में भाषण देंगी. टीएमसी के अनुसार उनका भाषण लव योर नेबरविषय पर आधारित होगा.

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मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप पर 2005 में तत़्कालीन केंद्र और राज्य सरकार के बीच एनआरसी लिस्ट अपडेट करने के लिए समझौता हुआ था, लेकिन, इसकी धीमी गति के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. 2015 में  कोर्ट के आदेश पर असम में नागरिकों के सत्यापन का काम शुरू हुआ. इसके बाद पिछले साल दिसंबर के अंत में एनआरसी का पहला ड्राफ्ट पब्लिश किया गया. कोर्ट ने 31 दिसंबर 2017 से पहले पहला ड्राफ्ट पब्लिश करने का आदेश दिया था. 

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