न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

ममता सरकार का यू-टर्न : रिश्वत देने वालों को भी तीन वर्ष के लिए जेल भेजा जायेगा

रोज हजारों शिकायतें दर्ज हो रही हैं, लेकिन किसी के खिलाफसरकार ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है

897

Kolkata : राज्य भर में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के एवज में ली जाने वाली रिश्वत यानी कटमनी को लेकर ममता बनर्जी की सरकार ने यू-टर्न ले लिया है.

mi banner add

राज्य के शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार मानती है कि जिसने रिश्वत दी है, वह भी अपराधी है और उसे भी जेल भेजा जाएगा.

इसे भी पढ़ें : तेजपाल सिंह अपहरण कांड में पटना से राहुल कुमार गिरफ्तार, 14 दिन की रिमांड पर भेजा गया

सरकार ने किया है ग्रीवांस सेल का गठन 

दरअसल, गत 10 जून को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में एक ग्रीवांस सेल का गठन किया था. इसमें राज्य के उन भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक टोल फ्री नंबर जारी किया था, जिन्होंने किसी भी सरकारी योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के एवज में कटमनी ली है.

इस मामले में रोज हजारों शिकायतें दर्ज हो रही हैं, लेकिन किसी के खिलाफ राज्य सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. भारतीय जनता पार्टी की ओर से दावा किया जाता रहा है कि जो लोग तृणमूल नेताओं के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं उन्हीं को जेल में डाला जा रहा है.

इस बीच गुरुवार को विधानसभा में पार्थ के इस बयान ने भाजपा के दावे पर कहीं न कहीं मुहर लगा दी है.

इसे भी पढ़ें : भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी के खिलाफ गिरिडीह कोर्ट में केस दर्ज

‘कटमनी को हवा दे रही भाजपा सरकार’

कटमनी को लेकर विधानसभा में हुए हंगामे पर पार्थ चटर्जी ने कहा कि रिश्वत से संबंधित शिकायत के लिए मुख्यमंत्री ने ग्रीवांस सेल का गठन किया है. नियम के तहत उसमें शिकायत दर्ज करायी जा सकती है. जिन्होंने रिश्वत ली और जिन्होंने दी वे दोनों अपराधी हैं. कानून के अनुसार इस पर कार्रवाई होगी.

इस दौरान नाम लिए बगैर पार्थ चटर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए कट मनी के मुद्दे को हवा दे रही है. इसके जरिये राज्य भर में हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने कहा कि किसी को अगर रिश्वत वापस चाहिए तो वह कानूनी तरीके से आवेदन कर सकता है.

‘प्रमाण नहीं दिया तो जेल जाना होगा’

पार्थ ने कहा कि जो लोग अपनी पार्टी का झंडा बैनर लेकर कट मनी के नाम पर घर-घर घूम रहे हैं, अगर उन लोगों ने रिश्वत से संबंधित पुख्ता प्रमाण नहीं दिया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. उन्हें भी जेल जाना होगा.

उन्होंने कहा कि इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है जैसे सरकार से जुड़े लोग चोर हैं, लेकिन सारे लोग चोर नहीं हैं.

पार्थ ने कहा कि पंचायत मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन लोगों ने भी सरकारी परियोजनाओं के एवज में रिश्वत ली है उन्हें छह वर्ष तक जेल में रहना पड़ेगा, लेकिन अगर उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए तो शिकायत करने वालों को भी तीन वर्ष के लिए जेल भेजा जायेगा.

इसे भी पढ़ें : गिरिडीह:धनवार की पत्थर खदान में भूधंसान से एक मजदूर की मौत, दूसरा गंभीर रुप से जख्मी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: