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झारखंड की तीन और बिहार की छह सीटों पर चुनाव लडे़गी भाकपा माले

भारत बंदी से जनता ने यह दिखा दिया कि वह वर्तमान सरकार के कामकाज से कितना  नाखुश है. यह सरकार अडानी और अंबानी की जेब में रहती है.

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Ranchi : भाकपा माले के केंद्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी द्वारा 2019 के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गयी है. इसे लेकर अलग-अलग जिलों में बैठकें भी कर रहे हैं. कहा कि इस बार हम झारखंड की  तीन सीटों से चुनाव लडेंगे. इसमें कोडरमा, पलामू तय हो चुकी हैं. जबकि एक सीट पर चर्चा हो रही है. इसके अलावा पार्टी बिहार में भी 06 सीटों पर  चुनाव लडेगी. भट्टाचार्य प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थें. उन्होंने कहा कि  दस सितंबर की भारत बंदी से जनता ने यह दिखा दिया कि वह वर्तमान सरकार के कामकाज से कितना  नाखुश है. यह सरकार अडानी और अंबानी की जेब में रहती है.

श्री भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा सरकार को घमंड हो गया है, वह कहती है कि अगर हम 2019 का चुनाव जीतते हैं अगले 50 वर्षों तक हम ही राज करेंगे. यह सरकार की तानाशाही नहीं तो और क्या है हम सभी को इस सरकार से छुटकारा पाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पेट्रोल की कीमत 50 रुपए करने की बात कह कर सत्ता पर आयी थी. लेकिन ऐसा नहीं कर पायी उन्हें तो खुद ही पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

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फादर स्टेन स्वामी के साथ गलत हुआ

. श्री भट्टाचार्य  ने कहा कि हमने फादर स्टेन स्वामी से मुलाकात की. वहां पता चला कि उनके साथ कितना गलत हुआ है. जिस एफआईआर के आधार पर फादर स्टेन स्वामी पर कार्रवाई की गयी, वह मराठी में लिखी गयी थी. कई बार कहा गया कि अपनी भाषा में अनुवाद करके बताया जाये. लेकिन उन लोगों ने उनकी एक बात नहीं सुनी. वहीं घर से लैपटॉप, टीवी, एवं एआर रहमान के म्यूजिक कैसेट्स तक ले गये. 2019 में अगर दुबारा यही सरकार आती है तो कानून व्यवस्था और भी लचर हो जायेगी.

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अडानी के लिए जमीन कब्जा कर रही है सरकार

दीपांकर भट्टचार्य ने कहा कि भाजपा की सरकार अडानी के लिए जमीनों पर कब्जा कर रही है. इससे किसानों और महिलाओं का बुरा हाल हो चुका है. महिलाएं रो रहीं है. ऐसे में इस सरकार के रहने का कोई औचित्य नहीं है. एक और चीन की सामग्रियों का विरोध करते है, दूसरी और चीन जाकर उनसे गले मिलते है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार चीनी सामानों का विरोध करने का ढोंग करती है. एक और तो चीन में निर्मित सामग्रियों का उपयोग नहीं करने की बात करती है,  लेकिन  मोदी और रघुवर सरकार चीन जाकर वहां के लोगों से गले मिलती है. यह सरकार का दुहरा मानदंड है.

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