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लाल, पीला राशन कार्ड बनाने का काम संपन्न

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  • आठ महीने में लगभग चार लाख 62 हजार लोगों का बना कार्ड

Ranchi : पिछले आठ महीने से लगातार जारी नया लाल, पीला राशन कार्ड बनाने, नाम जोड़ने का काम गुरुवार से बंद हो गया. विभाग ने बताया कि जितने कार्ड सरेंडर हुए थे, उन पर नये कार्ड जारी कर दिये गये हैं. वैसे कार्डधारी, जो संपन्न होने के बावजूद लाल-पीला कार्ड का प्रयोग कर रहे थे, उनसे कार्ड सरेंडर करवाकर गरीबों और जरूरतमंदों के बीच कार्ड वितरण किया गया. वहीं, जिन्होंने सरेंडर नहीं किया, उनसे जुर्माने भी वसूले गये. डीएसओ नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि ऐसे व्यक्ति, जिन्हें कार्ड की जरूरत थी, लेकिन वे कार्ड बनवाने में असमर्थ थे, वैसे लोगों को ढूंढकर उनका कार्ड बनवाया गया. इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बात यह रही कि दिव्यांग, भिखारी, रोगी, कुष्ठ रोगी, विधवा, कचरा चुननेवाले, आदिम जनजाति के लिए विशेष अभियान चलाकर उनका पीला कार्ड बनवाया गया. वहीं, संपन्न परिवारों द्वारा जो दंबगई या डीलर, एमओ की मिलीभगत से राशन कार्ड बनवाकर रखे हुए थे, उन सभी का राशन कार्ड सरेंडर करवाया गया. जुर्माना तक वसूला गया. डीएसओ नरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि नया राशन कार्ड, नये सदस्यों का नाम जोड़ने का कार्य, राशन कार्ड से नाम हटाने का कार्य और शिविर लगाने का कार्य भी अब बंद कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि अब भी किन्हीं के पास अवैध राशन कार्ड है, तो वह 31 जनवरी तक अपने डीलर के पास जमा कर सकते हैं.

बिना राशन कार्ड वाले 60 साल से अधिक उम्र के लोग पीडीएस से ले सकते हैं 10 केजी राशन

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डीएसओ ने बताया कि रांची जिला में विभाग ने 431741 राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था, जबकि 462136 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया है. डीएसओ ने बताया कि अन्नपूर्णा योजना के अंर्तगत साठ वर्ष से ऊपर के वैसे लाभुक, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, पेंशन भी नहीं मिल रहा है, वे अंचल अधिकारी से संपर्क कर पीडीएस दुकान से 10 केजी राशन ले सकते हैं. साथ ही, आकस्मिक खाद्यान्न कोष द्वारा सभी पंचायतों और वार्ड में दस हजार रुपये की राशि दी गयी है, ताकि योग्य लाभुक को 10 केजी चावल उपलब्ध कराया जा सके.

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