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 महेश पोद्दार ने इस्पात मंत्री से किया अनुरोध, ऑटोमोटिव स्टील प्लांट झारखंड में ही स्थापित करें

श्री पोद्दार ने सीएम रघुवर दास से भी अनुरोध किया है कि सेल के प्रस्तावित वाहन स्टील कारखाने को झारखंड में स्थापित कराने के लिए पहल करें

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 Ranchi :  राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंदर सिंह को पत्र लिखकर सेल के प्रस्तावित वाहन स्टील (Automotive Grade) कारखाना झारखंड में स्थापित करने का अनुरोध किया है. साथ ही  श्री पोद्दार ने सीएम रघुवर दास से भी अनुरोध किया है कि सेल के प्रस्तावित वाहन स्टील कारखाने को झारखंड में स्थापित कराने के लिए पहल करें. बता दें कि महेश पोद्दार ने दोनों पत्र केंद्रीय इस्पात मंत्री द्वारा एक समारोह में दिये गये एक बयान के आलोक में लिखे हैं.

अपने बयान में इस्पात मंत्री ने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया 5000 करोड़ रुपये की लागत से वाहनों में उपयोग होनेवाले स्टील के लिए कारखाना लगाने को लेकर गुजरात, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में जगह तलाश रही हैकंपनी यह कारखाना आर्सेलर मित्तल के साथ मिलकर संयुक्त उपक्रम के तहत लगायेगी. वाहन स्तर की इस्पात परियोजना की क्षमता शुरू में 15 लाख टन सालाना होगी, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 लाख टन सालाना किया जायेगा.

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रांची के धुर्वा स्थित एचईसी परिसर में भी संयंत्र स्थापित हो सकता है

श्री पोद्दार ने पत्र में कहा है कि यदि यह संयंत्र झारखंड में स्थापित किया जाये तो न सिर्फ झारखंड प्रदेश लाभान्वित होगा, अपितु संयंत्र की उत्पादकता, लाभ अर्जित करने की शक्ति और अंततः देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती भी बढ़ेगी. झारखंड लौह अयस्क उत्खनन का प्रमुख केंद्र है, इसलिए प्रस्तावित संयंत्र को कच्चा माल कम ढुलाई खर्च पर सुविधाजनक ढंग से उपलब्ध हो सकेगा. झारखंड प्रशिक्षित मानव बल भी यहां प्रचुरता से उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि सेल के बोकारो इस्पात संयंत्र में पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध है.

आर्सेलर मित्तल, जो इस प्रस्तावित प्लांट में सेल का पार्टनर होगा, पिछले एक दशक से झारखंड में अपना स्टील प्लांट लगाने का प्रयास कर रहे हैं, राज्य सरकार के साथ इस प्रतिष्ठित कंपनी का करार भी हुआ है.  रांची के धुर्वा स्थित भारी अभियंत्रण संयंत्र अर्थात एचईसी परिसर में भी संयंत्र स्थापित हो सकता है.

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 मोमेंटम झारखंड के तहत झारखंड निवेश की संभावनाएं बढ़ाने का प्रयास कर रहा है

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श्री पोद्दार के अनुसार जमशेदपुर (टाटानगर) में टाटा समूह का वाहन उत्पादन संयंत्र है. इसलिए प्रस्तावित कारखाने से उत्पादित वाहन इस्पात की खपत के लिए भी यह प्रदेश आदर्श साबित होगा. सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकतर इस्पात कारखाने दुर्गापुर, बर्नपुर, राऊरकेला, बोकारो एवं निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा इस्पात कारखाना टाटा स्टील देश के इसी हिस्से में है.  मोमेंटम झारखंड अभियान के तहत झारखंड लगातार राज्य में निवेश की संभावनाएं बढ़ाने का प्रयास कर रहा है.  

यदि प्रस्तावित वाहन इस्पात संयंत्र यहां लगता है तो मोमेंटम झारखंड अभियान को भी गति और नयी ऊर्जा मिलेगी.  कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लुक ईस्ट पालिसी के तहत देश के पूर्वी राज्यों को विकास के ज्यादा से ज्यादा अवसर देने के पक्षधर हैं.  

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यह प्रधानमंत्री की लुक ईस्ट पालिसी को शक्ति प्रदान करेगा

यदि प्रस्तावित संयंत्र झारखंड में स्थापित होता है तो यह प्रधानमंत्री की लुक ईस्ट पालिसी को शक्ति प्रदान करेगा. झारखंड में नये वाहन स्टील प्लांट की स्थापना से डाउनस्ट्रीम कॉम्पोनेन्ट उद्यमों के लिए नयी संभावनाएं विकसित होंगी. इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही, आर्थिक प्रगति को भी एक नया आयाम मिलेगा. इससे नक्सलवाद आदि समस्याएं भी कम होंगी.

श्री पोद्दार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सुझाव दिया है कि एक विशेष टीम गठित कर भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय और स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के साथ सक्रिय और नियमित संवाद हो और इस प्रस्तावित इस्पात संयंत्र को झारखंड में स्थापित कराने का प्रयास किया जाये.

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