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#Maharashtra में नई सुगबुगाहटः शिवसेना-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की संभावना, कांग्रेस का भी होगा अहम रोल

Mumbai: महाराष्ट्र में सरकार गठन के सस्पेंस के बीच नये राजनीतिक समीकरण उभर रहे हैं. सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद सरकार बनाने की नई तस्वीर सामने आने की संभावनाएं जताई जाने लगी हैं.

राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि एनसीपी और कांग्रेस बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना से हाथ मिला सकती है.

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शिवसेना-एनसीपी मिलकर बनायेंगे सरकार ?

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एनसीपी के एक नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पार्टी शिवसेना के नेतृत्व में सरकार का हिस्सा बनने की इच्छुक है.

पार्टी 1995 में शिवसेना-बीजेपी के फॉर्मूले पर सरकार बनाना चाहती है. जिसमें सीएम शिवसेना का और डिप्टी सीएम बीजेपी का था. वैसे ही उपमुख्यमंत्री का पद एनसीपी को मिले.

इसके साथ ही एनसीपी स्पीकर पद पर अपना नेता चाहती है. पार्टी ये भी चाहती है कि कांग्रेस इस गठबंधन को बाहर से समर्थन दे. लेकिन ये संभावना तब बनती है, जब शिवसेना और बीजेपी में मतभेद नहीं सुलझ पाते हैं.

हालांकि सोमवार को सोनिया गांधी के साथ मुलाकात के बाद एनसीपी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार बीजेपी और शिवसेना को बनानी थी, आखिर उनके पास संख्या बल है. उन्होंने ये भी कहा था एनसीपी को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला था, लेकिन ‘आप भविष्य के बारे में कुछ नहीं कह सकते.’

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पवार ने कहा कि उन्हें शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. हालांकि पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भविष्य के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता.

कांग्रेस को मना रही एनसीपी

सियासी गलियारे में ये भी चर्चा है कि सरकार बनाने की इच्छुक एनसीपी के प्रमुख पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष से शिवसेना से दूरी बनाए रखने के अपने स्टैंड के बारे में दोबारा विचार करने और अपनी पार्टी की राज्य ईकाई को इस बारे में ग्रीन सिग्नल देने के लिए कहा.

हालांकि खबर ये भी है कि कांग्रेसी नेता चाहते है कि शिवसेना के साथ आने से पहले उसे बीजेपी के साथ अपने गठबंधन से बाहर आना होगा. इसके बाद ही कांग्रेस किसी तरह के गठबंधन के बारे में विचार कर सकती है.

वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस ईकाई ने पिछले सप्ताह सोनिया गांधी को बताया था कि राज्य में बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस को कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा, ‘बैठक के दौरान इस बात पर सहमति थी कि बीजेपी को सत्ता में आने से रोका जाना चाहिए.’

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 105 सीटें जीत सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है. जबकि शिवसेना ने 56, एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत हासिल की है.

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