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इन वजहों से की जा रही है अलग धर्मकोड की मांग, जानिए क्या कहते हैं समुदाय के लोग

सरना धर्मकोड की मांग को लेकर महारैली निकाली, प्रतिनिधियों ने कहा सरना कोड से कम कुछ भी मंजूर नहीं

Ranchi : सरना धर्मकोड की मांग को लेकर राजधानी के सरना धर्मावलंबियों ने महारैली निकाली. शहर के विभिन्न क्षेत्रों से निकलकर रैली में शामिल लोग मोरहाबादी मैदान पहुंचे. इस दौरान सरकार से मांग की गयी कि अविलंब सरना कोड के लिए प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाये. कहा गया कि 2021 के जनगणना प्रपत्र में अलग सरना धर्मकोड का कॉलम निर्धारित करें ताकि आदिवासी समुदाय की वर्षों से लंबित मांग पूरा हो सके. प्रतिनिधियों ने कहा है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो धर्मकोड का आंदोलन और तेज होगा.

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शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ करमा उरांव और धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने कहा कि सरना कोड लाखों सरना धर्मावलंबियों की मांग है. कोड के अभाव में आदिवासी समुदाय को अन्य समुदायों के साथ जोड़ दिया जाता है. उन्हें कभी सरना सनातन के नाम पर हिंदू तो कभी ईसाई समुदाय के साथ जोड़ा जाता है. जबकि इस समुदाय की अपनी अलग पृथक पहचान है. कोड के अभाव में जनगणना के दौरान इस समुदाय का सही आंकड़ा नहीं मिल पाता. डॉ करमा उरांव ने कहा कि इसलिए झारखंड सहित देश के अन्य भागों मे फैले सरना समुदाय के लिए अलग कोड का निर्धारण होना चाहिए. डॉ करमा उरांव ने कहा कि हमें सरना कोड से कम कुछ भी मंजूर नहीं है.

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27 और 28 फरवरी को धर्मसंसद और महारैली होगी

आदिवासी सेना के अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि सरना कोड हम आदिवासियों की पहचान से जुड़ा मामला है. इस मांग को लेकर सिर्फ राज्य में ही नहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में रहनेवाले सरना धर्मावलंबियों से समर्थन मिल रहा है. हमलोग चाहते हैं कि राज्य सरकार विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले ही प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजे ताकि हमारी मांगें समय पर पूरी हो.

प्रतिनिधियों ने कहा कि मांगें जब तक पूरी नहीं होगी तबतक आंदोलन जारी होगा. इस क्रम में अगले वर्ष 27 और 28 फरवरी को रांची में आदिवासी संस्कृति सरना धर्म संसद और महारैली का आयोजन होगा.

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दिल्ली में भी दिया गया ज्ञापन

आदिवासी छात्र संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली स्थित झारखंड भवन के पदाधिकारी को सरना धर्मकोड की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा. संघ के अनूप टोप्पो ने कहा कि सरना धर्मकोड की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है. आज समाज के ही कुछ लोग अलग-अलग नाम से कोड की मांगकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं.

रैली में कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इनमें राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा, केंद्रीय सरना समिति, आदिवासी छात्र संघ, आदिवासी सेना, आदिवासी छात्र संघ, झारखंड आदिवासी संयुक्त मोरचा सहित अन्य संगछन शामिल है. रैली में शामिल लोग हरमू, पिस्कामोड़, हेसल सहित अन्य क्षेत्रों से पहुंचे थे.

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यातायात बाधित रहा

सरना कोड की मांग को लेकर निकाली गयी रैली के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात बाधित रहा. दिन के 11 बजे से लेकर 12 बजे तक पिस्कामोड़ से लेकर रातू रोड, हरमू, कचहरी रोड, रेडियम रोड सहित अन्य इलाके में दो से ढाई घंटे तक जाम की स्थिति रही.

सरना कोड के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

सरना कोड महारैली के बाद डॉ करमा उरांव, धर्मगुरू बंधन तिग्गा सहित अन्य ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें सरना कोड की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी दी कि मुख्यमंर् ने आश्वस्त किया है कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरना कोड से संबंधित प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजेंगे.

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