Crime NewsLead NewsNationalUttar-Pradesh

महंत नरेंद्र गिरि मौत केस: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ में जानें क्या बातें आयीं सामने

शरीर पर नहीं मिले हैं चोट के कोई भी निशान

Lucknow : अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में कई अहम बातें अब तक सामने आई हैं. हालांकि, अब भी बहुत सारी बातें हैं जिनका पता लगाना बाकी है. महंत नरेंद्र गिरि की शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जो सामने आई है, उसमें सुसाइड की पुष्टि हो चुकी है. लेकिन उन्होंने आत्महत्या क्यों की, इस बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर के डॉ. अमित कुमार ने अपने रिवाल्वर से खुद को मारी गोली, हालत नाजुक

सांस लेने में असमर्थ होने पर हुई मौत

महंत नरेंद्र गिरि की शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह ‘Asphyxia’ लिखा है, यानी वो स्थिति जब व्यक्ति सांस लेने में असमर्थ हो और उससे उसकी मौत हो जाए. इसके अलावा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के हिसाब से महंत नरेंद्र गिरि की मौत का समय 20 सितंबर को दोपहर 3 से 3:30 बजे के बीच है. उनके शरीर पर चोट के निशान भी नहीं मिले हैं.

advt

इसे भी पढ़ें :पटना : लव ट्रांयगल में जिम ट्रेनर को मारी गई थी गोली, डॉक्टर दंपती गिरफ्तार

ब्लैकमेलिंग के एंगल पर भी हो रही है जांच

हालांकि, उन्होंने आत्महत्या क्यों की? इसकी जांच की जा रही है. जांच ब्लैकमेलिंग के एंगल पर भी हो रही है कि अगर कोई फोटो है जिससे नरेंद्र गिरि को ब्लैकमेल किया जा रहा था तो वो फोटो कहां है? किसके पास है? इसको लेकर आनंद गिरी (Anand Giri) से पूछताछ की गई लेकिन उसने फोटो की बात से इनकार कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने अब तक आनंद गिरि के अलावा लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी (Aadhya Tiwari) और उनके बेटे संदीप तिवारी (Sandeep Tiwari) को भी गिरफ्तार किया है.

महंत नरेंद्र गिरि का जो वीडियो पुलिस के पास है उसमें भी इन तीनों गिरफ्तार आरोपियों का नाम लिया है. वीडियो में सिर्फ नरेंद्र गिरि का चेहरा दिख रहा है वीडियो उसी कमरे का है जिसमें लाश मिली. कपड़े भी वही हैं. वीडियो खुद नरेंद्र गिरी ने बनाया था. वीडियो में फांसी का फंदा नहीं दिख रहा है.

इसे भी पढ़ें :Jharkhand News: बीस लाख से अधिक बच्चे कल से जा पाएंगे स्कूल, 6ठी से 8वीं तक के बच्चे 18 माह बाद पहुचंगे स्कूल

13 सितंबर को ही आत्महत्या करना चाहते थे महंत

महंत नरेंद्र गिरि फांसी लगाने से पहले 13 सितंबर को सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या करना चाहते थे. पुलिस को कमरे से सल्फास की गोलियां मिली है जो महंत नरेंद्र गिरि ने अपने शिष्य से मंगवाईं थी. फांसी के लिए जो रस्सी थी वो भी कुछ दिन पहले शिष्य से मंगवाई थी. पुलिस ने सल्फास की गोलियां कब्जे में ले ली हैं, जिसे केमिकल जांच के लिए भेजा गया है.

इसे भी पढ़ें :जज उत्तम आनंद मौत मामला, सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर ने कोर्ट से कहा-सीबीआई मामले के हर एंगल पर जांच करेगी

सुसाइड नोट की भी हो रही जांच

पुलिस ने सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. मौके से महंत नरेंद्र गिरि के लिखे कई दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें कब्जे में लेकर हैंड राइटिंग एक्सपर्ट को सौंपा गया है. रिपोर्ट आने के बाद साफ होगा कि सुसाइड नोट नरेंद्र गिरि ने खुद लिखा या किसी और से लिखवाया था.

इस बात से भी परेशान थे नरेंद्र गिरि…

बताया जा रहा है कि महंत नरेंद्र गिरि इस बात को लेकर भी परेशान थे कि जब उन्हें कोरोना हुआ था तो उनका सबसे प्रिय शिष्य आनंद गिरी उनसे मिलने नहीं आया था. जबकि कई अन्य शिष्यों ने उस दौरान महंत की काफी सेवा की थी. आनंद गिरि ने बताया है कि मई में गुरु नरेंद्र गिरि से समझौता हो जाने के बावजूद दोनों में दूरियां थी. दोनों की आपस में बात नहीं हुई. आनंद गिरि सच बोल रहा है या नहीं, इसके लिए पुलिस सीडीआर की जांच कर रही है.

वहीं, आद्या तिवारी ने पूछताछ में बताया कि ‘मेरा बेटा संदीप तिवारी आनंद गिरि को गुरु मानता था और आनंद गिरि को ही फॉलो करता था इसलिए एक दिन महंत नरेंद्र गिरि ने मुझे कहा कि आज से तुम मुख्य पुजारी नहीं रहोगे. आज से तुम भी अन्य पुजारियों की तरह रहोगे जिन्हें सैलरी मिलती है.’ आद्या तिवारी का कहना है कि क्योंकि मेरा बेटा संदीप आनंद गिरि को गुरु मानता था इसलिए नरेंद्र गिरि को शक था कि मैं भी आनंद गिरि के साथ मिलकर उन्हें धोखा दे रहा हूं.

इसे भी पढ़ें :पांच करोड़ लेकर भी नहीं दिया टिकट, तेजस्वी, मीसा, मदन मोहन समेत छह पर केस

 

 

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: