Opinion

लालू प्रसाद के घर छिड़ी महाभारत, कृष्ण और अर्जुन ही हो गये आमने-सामने

Gyan Ranjan

Ranchi : पारिवारिक नेतृत्व में चलनेवाले राजनीतिक दलों में विरासत की जंग आम है. बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार में इन दिनों कुछ ऐसा ही चल रहा है. विरासत की जंग खुल कर लड़ी जा रही है. कहने को तो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव खुद को कृष्ण और तेजस्वी यादव को अर्जुन बताते हैं लेकिन जो कुछ हो रहा है वह महाभारत के कृष्ण-अर्जुन की जोड़ी जैसा कतई नहीं दिखता. हां, दोनों के बीच महाभारत जरूर छिड़ी है. महाभारत में भगवान कृष्ण और अर्जुन साथ-साथ थे. दोनों के साथ रहने का ही परिणाम था कि कौरवों की सेना में बड़े बड़े धुरंधर के रहने के बावजूद परिणाम पांडवों के पक्ष में आया था. अभी एक महाभारत राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के घर में छिड़ी हुई है. इस महाभारत में कौरव सामने नहीं हैं. बल्कि लालू यादव के घर में छिड़ी महाभारत में कृष्ण और अर्जुन ही आमने सामने हो गये हैं. बिहार राजद में जो दृश्य बन रहा है वह इस बात का साफ़ संकेत दे रहा है कि लालू यादव के दोनों लाल तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच खाई बढ़ती जा रही है. राजद के लिए यह शुभ संकेत नहीं है. छात्र जीवन से राजनीति में आये लालू प्रसाद यादव ने बड़ी मेहनत से बिहार के कई बड़े राजनीतिक धुरंधरों को मात देकर राजद का साम्राज्य स्थापित किया था. देश की राजनीति में भी उन्होंने एक अलग मुकाम हासिल किया था. लेकिन पिछले तीन महीने से राजद में जो दृश्य दिख रहा है वह पार्टी की भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है.

इसे भी पढ़ें – बोनस और एरियर के आसरे बाजारों में दिखने लगी त्योहार की रौनक, दशहरा में कारोबार 60 फीसदी तक बढ़ने के आसार

advt

सावन पूर्णिमा से शुरू हुआ लालू परिवार में खटराग

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे के बीच विवाद नया नहीं है. चारा घोटाला मामले में जेल जाने के एक वर्ष बाद से ही लालू परिवार में खटराग शुरू हो गया था. जब मीडिया में बात आयी थी तो तेजप्रताप ने यह कहकर मामले को शांत किया था कि तेजस्वी उसके अर्जुन हैं और वह कृष्ण. कहा था कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री तेजस्वी है. तब मामला शांत हो गया था. लेकिन इस वर्ष सावन पूर्णिमा के दिन से लालू परिवार में खटराग फिर से शुरू हो गया था. दोनों बेटे को शांत करने के लिए लालू और राबड़ी ने तेजप्रताप और तेजस्वी को दिल्ली भी बुलाया था. पिता के समझाने के बाद बात भी बन गयी थी. फिर 7 सितम्बर को तेजप्रताप ने यह ट्वीट किया कि तेजस्वी ने उसके पिता लालू यादव को दिल्ली में बंधक बना कर रखा है. उन्होंने तेजस्वी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया था और कहा था कि पार्टी में जैसा काम किया जा रहा है उससे संगठन बढ़ेगा नहीं बल्कि टूट जायेगा. इसी दिन तेज प्रताप ने छात्र जनपरिषद नाम से नये संगठन का गठन किया. इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि तेज प्रताप पहले ही पार्टी से बाहर किये जा चुके हैं. वैशाली के हाजीपुर कार्यालय में उन्होंने कहा था कि तेज प्रताप पार्टी में नहीं हैं. उन्होंने तो एक नया संगठन खड़ा किया है. वे खुद राजद से बाहर हो चुके हैं. शिवानंद तिवारी ने यह भी कहा कि तेज प्रताप को लालटेन का प्रयोग करने से भी राजद नेतृत्व ने मना कर दिया है.

इसे भी पढ़ें – BREKING : चक्रधरपुर लोको कालोनी के तीन युवकों की राजखरसावां के पास सड़क हादसे में मौत

adv

उपचुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची ने नाम नहीं होने से तेज प्रताप फिर हुए लाल

बिहार में दो सीटों पर विधानसभा उपचुनाव हो रहा है. उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गयी. इसमें तेज प्रताप यादव, उनकी मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती का नाम नहीं है. “ऐ अंधेरे देख ले मुंह तेरा काला हो गया, मां ने आंखें खोल दीं घर में उजाला हो गया… शुक्रवार को तेज प्रताप यादव की भावना मुनव्वर राणा की इस शायरी के साथ सोशल मीडिया पर आयी है. तेज प्रताप ने ट्वीट कर लिखा- ‘मेरा नाम रहता, न रहता मां और दीदी का नाम रहना चाहिए था… इस गलती के लिए बिहार की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी. दशहरा में हम मां की ही आराधना करते हैं ना जी…’

तेज प्रताप ने मुनव्वर राणा की शायरी की दो पंक्तियों से ना जाने कितनों पर वार कर दिया. साथ ही उन्होंने ये भी बता दिया कि उनके घर में सब कुछ ठीक नहीं है. स्टार प्रचारकों में नाम न होने से आहत तेज प्रताप ने 24 घंटे के बाद सोशल मीडिया पर अपना रिएक्शन दिया है. इस पोस्ट के साथ उन्होंने रोता हुआ इमोजी भी डाला है.

राजद के खिलाफ तारापुर में तेज प्रताप ने संजय यादव को उतारा

तेजप्रताप ने तारापुर विधानसभा उपचुनाव में राजद के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन किया है. निर्दलीय प्रत्याशी संजय कुमार यादव को तेजप्रताप ने समर्थन दिया है. संजय कुमार यादव का कहना है- ‘हमको कई पार्टियों से ऑफर था, पर हमने तय किया कि निर्दलीय लड़ेंगे. तेज प्रताप ने कहा था कि आप नहीं बल्कि हम चुनाव लड़ रहे हैं, लड़िए.” यादव ने कहा- ‘हमको तो तेजप्रताप जी बोले चुनाव लड़िए तो हम लड़ रहे हैं. यह समझ लीजिए कि जबरदस्त टक्कर देंगे.’ संजय यादव की बातों से स्पष्ट है कि लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बगावत कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – सावधान : दुर्गा पूजा में चिन्हित स्थलों पर ही करें गाड़ी पार्किंग, नहीं तो लगेगा जुर्माना

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: