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आंकड़ों का है कहना जमशेदपुर लोकसभा सीट पर भगवा रंग को बड़ी चुनौती देगा महागठबंधन का समीकरण

- कुणाल षाड़ंगी और विद्युत बरन महतो होंगे दिग्गज उम्मीदवार

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: जाहिर तौर पर जमशेदपुर लोकसभा सीट के लिहाज से बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. जमशेदपुर लोकसभा सीट में छह विधानसभा सीट आती है. इन सीटों में एक को छोड़ दिया जाए, तो यहां भी एनडीए ही बाजी मार रही है. 2014 के मोदी लहर की बात की जाए तो जमशेदपुर में लहर ने अपना कमाल खूब दिखाया था. मोदी मैजिक का कमाल यह था कि पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे विद्युत बरन महतो ने बीजेपी की टिकट से लड़ते हुए 4,64,153 वोट लाए और जेवीएम से चुनाव लड़ रहे तत्कालीन सांसद अजय कुमार को 99,876 वोटों से हराया.

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इस बार अगर विद्युत बरन महतो को दोबारा बीजेपी से मौका मिलता है, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती महागठबंधन का उम्मीदवार होगा. क्योंकि भले लोकसभा क्षेत्र में आने वाली छह में से पांच विधानसभा सीट एनडीए फोल्डर में हो, लेकिन गठबंधन बनने की सूरत में आंकड़े बीजेपी के खिलाफ हो जाते हैं. और यही आंकड़ों का खेल बीजेपी के लिए जमशेदपुर में सबसे बड़ा परेशानी का सबब बनने जा रहा है.

कौन होगा जमशेदपुर सीट से दिग्गज उम्मीदवार

विद्युत बरन महतो (फाइल फोटो)

हेमंत सोरेन के चार बार से ज्यादा दिल्ली दौड़ लगाने के बावजूद गठबंधन का काम पाइपलाइन में ही माना जा रहा है. निश्चित तौर पर कांग्रेस से जेएमएम और जेवीएम सीट सेयरिंग को लेकर नाराज है. लेकिन लोकसभा चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त देने के लिए सभी विपक्षों दलों के लिए महागठबंधन बनाना जरूरत से ज्यादा मजबूरी है. लिहाजा गठबंधन बनने के आसार हैं.
वहीं जमशेदपुर सीट की बात की जाए तो जमशेदपुर से पूर्व सांसद और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने कई बार यह साफ कर दिया है कि जमशेदपुर सीट उनकी प्राथमिक लिस्ट में नहीं है. ऐसे में जेएमएम ही सीट का दावेदार माना जा रहा है. जेएमएम के अंदरखाने की खबर है कि इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए बहरागोड़ा से विधायक कुणाल षाड़ंगी ने पार्टी को समझा लिया है.

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वहीं बीजेपी की बात की जाए तो अगर कुर्मी फोल्डर के समीकरण से विद्युत बरन महतो बच निकलते हैं तो जमशेदपुर सीट उन्हें मिलने की ज्यादा उम्मीद है. ऐसे में जाहिर तौर पर महागठबंधन और बीजेपी के उम्मीदवार ही जमशेदपुर से दिग्गज उम्मीदवार होंगे.

क्या है आंकड़ों का सच

लोकसभा सीट पर जीत और हार के समीकरण जानने के लिए हमेशा एक बार पहले हुए लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखा जाता है. ऐसे में जमशेदपुर की बात करें तो पिछली बार बिद्युत बरन महतो को 4,64,153 वोट मिले थे. उन्होंने जेवीएम से अजय कुमार को 99,876 वोटों से हराया था. वहीं जेएमएम उम्मीदवार नीरूप महंती तीसरे स्थान पर थे और उन्हें 1,38,109 वोट मिले थे. बीजेपी का कुल वोट प्रतिशत 44.9% था.

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इन्हीं आंकड़ों को महागठबंधन के धागे में पिरो कर देखा जाए तो जेवीएम+जेएमएम का वोट 1,38,109+3,64,270= 5,02,379 हो जाता है. जो बीजेपी के मिले कुल वोट से 38,226 ज्यादा है. वोट प्रतिशत भी 13.4+35.2= 48.6% हो जाता है. जो बीजेपी से 4.3% ज्यादा है. लेकिन राजनीति में इतने सटीक आंकड़े कभी सही नहीं होते. इन आंकड़ों के खेल से यह समझाने की कोशिश हो रही है कि महागठबंधन का उम्मीदवार अगर लड़ता है तो बीजेपी के उम्मीदवार को काफी ज्यादा परेशान कर सकता है.

जमशेदपुर लोकसभा सीट का राजनीतिक समीकरण

जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र में छह विधानसभा सीट आती हैं. इनमें से चार पर एनडीए का कब्जा है. जबकि एक मात्र सीट जेएमएम के कब्जे में है.

  • बहरागोड़ा- जेएमएम के कुणाल षाड़ंगी ने 57,973 लाकर बीजेपी के दिनेशानंद गोस्वामी को 15355 वोटों से हराया था.
  •  पोटका- बीजेपी की मेनका सरदार ने 68,191 वोट लाकर जेएमएम के संजीव सरदार को 6706 वोटों से हराया था.
  • पूर्वी जमशेदपुर- बीजेपी के रघुवर दास ने 1,03,427 वोट लाकर कांग्रेस के भारती दुबे को 70,157 वोटों से हराया था.
  • घाटशिला- बीजेपी के लक्ष्मण टुड्डु ने 52,506 वोट लाकर जेएमएम के रामचंद्र सोरेन को 6403 वोट से हराया था.
  • जुगसलाई- आजसू के रामचंद्र सहिस ने 82,302 वोट लाकर जेएमएम के मंगल कांलिदी को 25,045 वोटों से हराया था.
  • पश्चिमी जमशेदपुर- बीजेपी के सरयू राय ने 95,346 वोट लाकर कांग्रेस के बन्ना गुप्ता को 84,829 वोटों से हराया था.इसे भी पढ़ेंःप्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का हालः प्रशिक्षण के बाद ना मिला रोजगार, ना ही प्रमाण पत्र

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