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झारखंड में महागठबंधन फेल, नहीं हुई कांग्रेस मजबूत, जेएमएम परम्परागत सीट भी हारा

चतरा में आरजेडी और कांग्रेस के बीच हुआ था फेंडली फाइट, दोनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त

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Ranchi: झारखंड में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ रहा महागठबंधन पूरी तरह से फेल हो गया है. राज्य की 14 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे महागठबंधन में चार राजनीतिक दल (कांग्रेस, जेएमएम, जेवीएम और आरजेडी) शामिल थे. इसमें कांग्रेस 7, जेएमएम 4 और जेवीएम 2 और आरजेडी 1 सीटों पर चुनाव लड़ रहा था. वहीं 1 सीट चतरा पर कांग्रेस और आरजेडी ने अपने-अपने उम्मीदवार खड़े किये थे. चुनावी नतीजों के बाद यह तय है कि बीजेपी को मिल कर हराने का ख्वाब देख रहा महागठबंधन पूरी तरह से फेल हो गया है. कांग्रेस पार्टी तो मजबूत नहीं हुई है, वहीं जेएमएम अपनी परम्परागत सीट यानी दुमका भी हार गया है.

शुरू से महागठबंधन में दिख रही थी अड़चन

बात अगर महागठबंधन की करें, तो शुरू से ही इसके बनने में अड़चन दिख रही थी. जनवरी माह में चार दलों ने आपसी सहमति से इससे बनने का ऐलान तो कर दिया, लेकिन सीट बंटवारे में आपसी सामंजस्य नहीं बन पाया. उसके बाद कई दौर की बातचीत के बाद जब सीट बंटवारे में सहमति बनी, तो आरजेडी ने इसपर अड़चन लगाने शुरू कर दिया. पार्टी पलामू और चतरा सीट की मांग पर अड़ी थी. वहीं कांग्रेस भी पलामू सीट पर अड़ी थी. स्थिति बदलते देख दोनों ने आपसी सहमति से यहां पर फ्रेंडली चुनाव लड़ना तय किया.

7 में 1 पर कांग्रेस ने दर्ज की जीत, परसा सन्नाटा

14 लोकसभा सीटों में कांग्रेस 7 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. लोहरदगा, चतरा, रांची, सिंहभूम, हजारीबाग, धनबाद और खूंटी सीटों पर कांग्रेस का उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे. इसमें पार्टी केवल सिंहभूम सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है. जबकी पार्टी चतरा में जमानत भी नहीं बचा सकी है. हार के बाद पार्टी मुख्यालय में पूरी तरह से सन्नाटा परस गया है. कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद एक कार्यकर्ता ने कहा कि इसकी उम्मीद नहीं थी. हम चाहते हैं कि पार्टी एकजुट होकर मेहनत करे ताकि कांग्रेस एक बार फिर मजबूत हो. पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि रुझानों से निराशा हुई है.

परम्परागत सीट भी हारा जेएमएम

इस चुनाव में सबसे ज्यादा झटका जेएमएम को लगा. जेएमएम 4 सीटों पर (दुमका, राजमहल, जमशेदपुर और गिरिडीह) पर चुनाव लड़ा था. इसमें दुमका पार्टी की परम्परागत सीट थी. यहां पर पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन चुनाव लड़े थे. लेकिन उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा है. यहां से बीजेपी उम्मीदवार सुनील सोरेन ने गुरुजी को चुनाव हराया है. वहीं जमशेदपुर से चंपई सोरेन, गिरिडीह से जगन्नाथ महतो चुनाव हार गये हैं. हालांकि राजमहल सीट से पार्टी ने अपनी सीटिंग सीट बचा ली है. यहां से पार्टी उम्मीदवार विजय कुमार हांसदा चुनाव जीत गये हैं.

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चतरा में फ्रेंडली फाइट, लेकिन दोनों की जमानत जब्त

महागठबंधन बनने को लेकर सबसे ज्यादा अड़चन चतरा सीट पर बनी थी. यहां पर कांग्रेस और आरजेडी दोनों चुनाव लड़ना चाह रही थीं. लेकिन आपसी सहमति नहीं बनता दिख दोनों ने ही यहां से अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया. दोनों ही पार्टी उम्मीदवार (आरजेडी से सुभाष यादव और कांग्रेस से मनोज यादव) की जमानत भी जब्त हो गयी है.

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