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मध्य प्रदेश : राज्यपाल का कांग्रेस को सरकार बनाने का निमंत्रण, बसपा ने कोसते हुए कांग्रेस को दिया समर्थन

Bhopal : मध्य प्रदेश में सत्ता की चाबी बसपा के पास रही. यहां बसपा दो सीट लेकर किंग मेकर साबित हुई. कांग्रेस का आंकड़ा 114 पर अटका हुआ था और उसे बहुमत का जादुई आंकड़ा छूने के लिए दो सीट चाहिए थी. बुधवार को बसपा ने ऐलान किया कि वह मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन देंगी. सपा मुखिया अखिलेश ने भी कांग्रेस का ही साथ देने का ऐलान कर दिया है. बसपा की घोषणा से कांग्रेस राहत महसूस कर रही है. मध्य प्रदेश में सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया. बसपा ने कहा है कि जरूरत पड़ेगी तो वह राजस्थान में भी कांग्रेस का साथ देगी. हालांकि बसपा चीफ मायावती ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान तो किया पर कोसने से  भी बाज नहीं आयी. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने दलित-पिछड़ी जातियों के लिए कुछ नहीं किया. इसी कारण बसपा का गठन हुआ. साथ ही कहा कि भाजपा अपनी गलत नीतियों के कारण इन चुनावों में हारी. इस क्रम में मायावती ने कहा, हम भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं. हालांकि, हम कांग्रेस की कई नीतियों से सहमत नहीं हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश में बसपा के दो विधायक जीते हैं और राजस्थान में छह सीटें जीती हैं.

 आदरणीय बहन जी को मप्र में कांग्रेस को समर्थन देने के लिए धन्यवाद

बसपा के समर्थन पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, आदरणीय बहन जी को मप्र में कांग्रेस को समर्थन देने के लिए हार्दिक धन्यवाद.  कॉंग्रेस ने सदैव श्रद्धेय बाबा साहब और मान्यवर काशीराम जी के सपनों को पूरा करने का प्रयास किया है. बता दें कि चुनाव पूर्व मध्य प्रदेश में कांग्रेस-बसपा का गठबंधन नहीं हुआ था.   चुनाव पूर्व मध्य प्रदेश में बसपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात चल रही थी. लेकिन मायावती ने अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया था.  साथ ही मायावती ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के बदली अजीत जोगी की पार्टी से गठबंधन कर लिया था. प्रदेश में 230 सीटों के लिए चुनाव हुआ था.  जिसमें कांग्रेस को 114 सीटों पर, भाजपा को 109 सीटों पर,  बसपा को दो 2 सीटों पर जीत हासिल हुई.  एक सीट पर समाजवादी पार्टी और चार सीटों पर निर्दलीय जीते.

 शिवराज सिंह ने दिया इस्तीफा 

मध्य प्रदेश  की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सबसे बड़े दल कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए बुलावा भेजा है.  शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर इस्‍तीफा दे दिया.  कहा कि संख्या बल उनके पास नहीं है, इसलिए वह इस्‍तीफा दे रहे हैं.  उधर, कांग्रेस पार्टी मध्‍य प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश करने जा रही है और राज्‍यपाल ने उसे 12 बजे मिलने का समय दिया है. राज्‍यपाल से मुलाकात के बाद शिवराज ने कहा, अब मैं मुक्‍त हूं, मैं आजाद हूं.  मैंने राज्‍यपाल को अपना इस्‍तीफा दे दिया है.  चुनाव में हार की जिम्‍मेदारी पूरी तरह से मेरी है.  मैंने कमलनाथ जी को बधाई दी है.

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