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मेकॉन ने काम करा कर एजेंसी को नहीं दिये 1.50 करोड़ रुपये

ओट्टो प्रोजेक्ट्स को छह वर्ष से नहीं मिला 1.85 करोड़

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Ranchi: मेकॉन लिमिटेड ने राउरकेला इस्पात संयंत्र में सीओबी-6 का काम करा कर ओट्टो प्रोजेक्ट्स कंपनी का 1.85 करोड़ का भुगतान रोक रखा है. अप्रैल 2013 से 18 करोड़ के कार्यादेश का बकाया लंबित है. जानकारी के अनुसार ओट्टो प्रोजेक्टस को मेकॉन लिमिटेड ने राउरकेला इस्पात संयंत्र में सीओबी-6 के सिविल वर्क का काम दिया था. अप्रैल 2013 में यह काम पूरा किया गया. बावजूद इसके मेकॉन की तरफ से कंपनी का रीटेंशन शुल्क, एस्कालेशन कॉस्ट (बढ़ी हुई दर) और रोकी गयी राशि का भुगतान नहीं किया गया. थाईसेन क्रूप से जुड़ी ओट्टो प्रोजेक्ट्स भारतीय इस्पात संयंत्र के निर्माण के क्षेत्र में चार दशकों से काम कर रही है. मेकॉन लिमिटेड की तरफ से भुगतान नहीं किये जाने से कंपनी की परेशानी बढ़ने लगी है.

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कंपनी के सीएमडी का आदेश भी नहीं माना गया

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मेकॉन लिमिटेड के सीएमडी का आदेश भी वरीय अधिकारी नहीं मान रहे हैं. अप्रैल 2017 में कंपनी के सीएमडी ने निदेशक व्यावसायिक को ओट्टो प्रोजेक्टस के बकाये का भुगतान का आदेश दिया था. कंपनी के अधिकारी अप्रैल 2013 से लगातार मेकॉन मुख्यालय आते रहे हैं. पर अब तक मामले को सुलझाया नहीं गया. निदेशक (व्यावसायिक) की तरफ से एकमात्र जवाब यही दिया जाता रहा है कि कार्यादेश पूरा होने में अनावश्यक विलंब होने से पेनाल्टी की गयी है. इसलिए लॉस डैमरेज (एलडी) की राशि जब्त कर रखी गयी है.

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