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सदर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में लगीं लाखों रुपये की मशीनों का नहीं हो रहा इस्तेमाल

बंद पड़ी रहती हैं नवजात शिशुओं को थेरेपी देनेवाली मशीनें

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Ranchi : नवजात शिशुओं को थेरेपी देने और उन्हें गर्म रखने के लिए रांची के सदर हॉस्पिटल में फोटो थेरेपी तथा वार्मर मशीनें लगायी गयी हैं. लेकिन, यह दुर्भाग्य की ही बात है कि राजधानी के लोगों को इस मशीन का फायदा नहीं मिल पा रहा है. मशीन तो ठीक है, लेकिन न तो डॉक्टर इसकी कोई सलाह दे रहे हैं और न ही नर्स नवजात शिशुओं को जन्म देनेवाली माताओं की कोई मदद कर रही हैं. मां चाहकर भी अपने बच्चों को थेरेपी नहीं दे पातीं. हॉस्पिटल में लगी यह मशीन यूं ही बेकार पड़ी रहती है.

नर्स कहती हैं- इसकी जरूरत ही नहीं पड़ती है

सदर हॉस्पिटल की सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग में नवजात बच्चों के और बेहतर इलाज के लिए कई आधुनिक मशीनें लगवायी गयी हैं. इसके अलावा कंगारू विंग भी बनाया गया है, जहां मां अपने बच्चों की कैसे देखभाल करेंगी, इसकी जानकारी देनी है. लेकिन, यह व्यवस्था सफल होती नहीं दिख रही है. कंगारू विंग हमेशा खाली ही पड़ा रहता है. हॉस्पिटल की नर्सों का कहना है कि मां बननेवाली महिलाओं को इसकी जरूरत ही नहीं पड़ती. अधिकतर माताएं डिस्चार्ज होकर घर जाना चाहती हैं, जिस कारण उन्हें कंगारू विंग में रखने का समय नहीं मिलता. इसके अलावा ऑपरेशन के बाद जन्म लेनेवाले बच्चों की माताओं को कंगारू विंग में रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती.

यूं ही पड़ी रहती हैं पांच फोटो थेरेपी, चार वार्मर और दो स्टेबल फोटो थेरेपी मशीनें

लाखों रुपये खर्च कर सदर हॉस्पिटल की सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग में कई आधुनिक सुविधाएं लेने के लिए अलग-अलग मशीनें लगवायी गयी हैं. लेकिन, किसी भी मशीन का सदुपयोग नहीं हो रहा है. हॉस्पिटल में पांच फोटो थेरेपी, चार वार्मर मशीनें एवं दो स्टेबल फोटो थेरेपी की मशीनें हैं. कमजोर नवजात शिशु की वार्मर से सफाई की जाती है. मशीनों के नहीं लगने से पहले हॉस्पिटल से बच्चों को दूसरे स्थानों पर थेरेपी के लिए भेजा जाता था. आज जब मशीनें लग गयी हैं, तब इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है.

हॉस्पिटल की सभी मशीनें ठीक हैं. जरूरत पड़ने पर बच्चों को इन मशीनों के माध्यम से थेरेपी दी जाती है. यदि थेरेपी नहीं देने का कोई मामला है, तो इसे दिखवाया जायेगा.

-डॉ वीबी प्रसाद, सिविल सर्जन, सदर, रांची

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