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विजय माल्‍या के प्रत्‍यर्पण को लंदन कोर्ट ने दी मंजूरी

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New Delhi: भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्‍या को भारत लाये जाने का रास्‍ता साफ हो गया है. लंदन की कोर्ट ने माल्‍या के प्रत्‍यर्पण को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने कहा कि वह ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकता है. माल्‍या को 14 दिन में फैसले के खिलाफ अपील करनी होगी. फैसला आने से पहले विजय माल्‍या ने वहां मौजूद मीडिया से कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा वह उसे मंजूर होगा. उसने कहा, ‘मैंने किसी का पैसा नहीं चुराया, मैं लोन लिया हुआ पैसा चुकाने को तैयार हूं. लोन का प्रत्यर्पण से कोई संबंध नहीं है.’

बैंकों की ऋण राशि का भुगतान करने के प्रस्ताव पर विजय माल्या ने कहा कि जैसा कि मैंने कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है. इस बारे में उच्च न्यायालय को फैसला तय करने दें.

इस सुनवाई के दौरान सीबीआइ के संयुक्त निदेशक और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो अधिकारी उपस्थित रहे. धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले में वांछित माल्या पर भारतीय बैंकों के करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया हैं. ब्रिटेन में पिछले साल अप्रैल में उसकी गिरफ्तारी हुई थी. अभी वह जमानत पर है.

माल्या ने मनी लांड्रिंग के आरोपों के बाद देश छोड़ दिया था. वह मार्च, 2016 से लंदन में है. भारत सरकार लगातार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है. पिछले साल चार दिसंबर को लंदन की मजिस्ट्रेट अदालत में माल्या के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई थी.

इस मामले में भारत सरकार की ओर से क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) केस देख रही है. सीपीएस के प्रमुख मार्क समर्स का कहना है कि मानवाधिकारों के आधार पर माल्या के प्रत्यर्पण में कोई बाधा नहीं है. वहीं माल्या का बचाव पक्ष यह साबित करने के प्रयास में है कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा बैंकों से लिया गया पैसा कारोबारी विफलता के कारण डूबा. इसमें बेईमानी या धोखाधड़ी नहीं की गई.

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