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डबल मर्डर में लोकेश चौधरी कर सकता है सरेंडर, गिरफ्तारी नहीं होने पर इनाम की घोषणा कर सकती है पुलिस

Ranchi:  6 मार्च की शाम अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर रोड नंबर एक में एक निजी न्यूज चैनल के कार्यालय में हुई दो भाइयों हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या मामले में पुलिस का दबाव लगातार बढ़ रहा है. बढ़ते दबाव के कारण नामजद आरोपी लोकेश चौधरी, धर्मेंद्र तिवारी और एमके सिंह कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जिस तरह से लगातार जगह-जगह छापेमारी कर रही है, इससे उम्मीद जतायी जा रही है कि जल्द ही तीनों कोर्ट में सरेंडर कर देंगे. इन तीनों के सरेंडर नहीं करने या गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में पुलिस लोकेश चौधरी की संपति जब्त करेगी. इसके बाबजूद भी ये तीनों गिरफ्तार नहीं हुए तब पुलिस तीनों आरोपियों को फरार घोषित करेगी और गिरफ्तारी के लिए उनके खिलाफ इनाम की घोषणा भी कर सकती है.

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 कुर्की जब्ती के लिए पुलिस ने शुरू की तैयारी

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हत्याकांड के आरोपी लोकेश चौधरी के घर कुर्की जब्ती की कार्रवाई के लिए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है. रविवार को अरगोड़ा पुलिस ने जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के वसुंधरा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 201 में वारंट का तामिला कराया. इस प्रक्रिया के बाद पुलिस घर को कुर्क करेगी. रांची के अलावा बिहार में भी पुलिस कुर्की की कार्रवाई करेगी. साथ ही रांची और बिहार में मौजूद अचल संपत्ति को भी पुलिस जब्त करने की तैयारी कर रही है. बिहार के औरंगाबाद जिले के नेहरा स्थित लोकेश की अचल संपत्ति जब्त की जायेगी. पुलिस ने इसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है.

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 पटना में मिला लोकेश चौधरी का अंतिम लोकेशन

मिली जानकारी के अनुसार एमके सिंह और लोकेश चौधरी का अंतिम लोकेशन पटना में मिला था.  धर्मेंद्र तिवारी का अंतिम लोकेशन गोरखपुर में मिला था. जिसके बाद से तीनों आरोपियों ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस नहीं कर पाये.

 बॉडीगार्ड सुनील को पुलिस ने भेजा जेल

लोकेश चौधरी का निजी बॉडीगार्ड सुनील सिंह को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उसने बताया था कि व्यवसायी हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या 25 लाख रुपये हड़पने के लिए की थी. इसके लिए अपने दोस्त और बॉडीगार्ड से आइबी की फर्जी रेड करायी थी. एमके सिंह और धर्मेंद्र तिवारी ने अग्रवाल बंधुओं पर गोली चलायी थी. निजी न्यूज चैनल कार्यालय में दोनों भाइयों की हत्या के बाद लोकेश, एमके सिंह और उनके दोनों अंगरक्षक सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर लेकर भाग फरार हो गये थे. अपने टीशर्ट पर लगे खून को छुपाने के लिए डीवीआर के साथ जला डाला था. ताकि साक्ष्य नष्ट हो जाए. रांची एसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार अंगरक्षक को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. जैसे ही रिमांड मिल जायेगा उससे पूछताछ की जायेगी.

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