JharkhandMain SliderRanchi

लोकसभा चुनाव : झारखंड में गठबंधन के चार रोड़े, सीटों की साझा घोषणा करने से डर रहीं पार्टियां

  • प्रदीप, फुरकान, पौलुस और सुभाष यादव की सीट को लेकर गठबंधन में अब भी है पेंच
  • भाजपा को शिकस्त देने के लिए झारखंड में बन रहा महागठबंधन अब गठबंधन में बदल गया

Pravin Kumar

Ranchi : झारखंड में भाजपा को शिकस्त देने के लिए भाजपा विरोधी पार्टियों की हुई कई बैठकों के बाद महागठबंधन अब गठबंधन में बदल गया है. हेमंत सोरेन के आवास में विपक्षी दलों की बैठक में 10 पार्टियों ने शिरकत की थी, जो अब चार रह गयी हैं. महागठबंधन अब गठबंधन में बदल गया है. लोकसभा चुनाव को लेकर वाम दालों ने अपना अलग रुख अख्तियार कर लिया है. गठबंधन में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल शमिल हैं, जहां सात, चार, दो, एक का फॉर्मूला अपनाया गया है और नेतृत्व कांग्रेस के हाथ में दी गयी है. लेकिन, भाजपा विरोधी दलों के गठबंधन के घोड़े को सरपट दौड़ाने में चार मजबूत रोड़े सभी दलों में दिख रहे हैं, जिसके कारण पार्टी नेतृत्व भी सकते में आ गया है. किस पार्टी के हिस्से में कौन सीट जायेगी, इसकी साझा घोषणा करने से कांग्रेस के नेतृत्ववाला गठबंधन डर रहा है.

Catalyst IAS
ram janam hospital

सूत्रों के मुताबिक, झारखंड विकास मोर्चा के हिस्से में चतरा और कोडरमा सीट फाइनल हो चुकी है, वहीं आरजेडी को एक सीट पलामू मिल रही है. झारखंड मुक्ति मोर्चा चार सीट दुमका, राजमहल, गिरिडीह के साथ-साथ जमशेदपुर या खूंटी में से कोई एक सीट पर चुनाव लड़ेगा. वहीं, कांग्रेस सात सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिनमें लोहरदगा, चाईबासा, धनबाद, हजारीबाग, रांची, गोड्डा के साथ-साथ जमशेदपुर या खूंटी में से एक सीट शामिल है. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के हिस्से में पलामू सीट आने की बात कही जा रही है.

The Royal’s
Pitambara
Sanjeevani
Pushpanjali

कांग्रेस के नेतृत्व में बन रहे गठबंधन में चार रोड़े

लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में बन रहे गठबंधन में चार बड़े रोड़े सामने आ रहे हैं. इन चार रोड़ों में पहला रोड़ा हैं प्रदीप यादव. झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय महासचिव प्रदीप यादव किसी भी हाल में गोड्डा लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ना चहते हैं. इसके लिए दिल्ली में हुई विपक्षी दलों के सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय करने की बैठक में जब बात नहीं बनी, तो रांची लौटकर पार्टी सुप्रीमो पर इस कदर दबाव बनाया कि बाबूलाल मरांडी अपनी सीट कोडरमा छोड़ने की बात करने लगे और गोड्डा सीट पर प्रदीप यादव के लिए गठबंधन में मांग की.

दूसरा रोड़ा- फुरकान अंसारी गोड्डा लोकसभा सीट पर कांग्रेस की ओर से दावेदार हैं. कांग्रेस को यह डर है कि अगर फुरकान अंसारी को टिकट नहीं मिलेगा, तो झारखंड में अल्पसंख्यक मतदाताओं में कांग्रेस के प्रति गलत संदेश जायेगा. इस डर से कांग्रेस भी गोड्डा सीट पर अड़ी हुई है. कांग्रेस फुरकान अंसारी के बहाने पूरे राज्य में मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की फिराक में है.

तीसरा रोड़ा- राष्ट्रीय जनता दल चतरा सीट पर सुभाष यादव को लड़ाना चहता है. आरजेडी गठबंधन में पलामू मिलने के बाद भी सुभाष यादव के लिए चतरा सीट की मांग पर अड़ गया है. सुभाष यादव ने पार्टी सुप्रीमो लालू यादव की अनुमति के बाद चतरा सीट पर अपनी चुनाव तैयारी भी शुरू कर दी है. ऐसे में सुभाष यादाव गठबंधन के लिए तीसरा रोड़ा के रूप में नजर आ रहे हैं.

चौथा रोड़ा- झारखंड मुक्ति मोर्चा से तोरपा विधायक पैलुस सुरीन खूंटी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. इसके लिए वह पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर दबाव बनाये हुए हैं. पार्टी उनको टिकट नहीं देती है, तो उनकी नाराजगी झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए दक्षिणी छोटानागपुर में भारी पड़ने की संभावना दिख रही है. इस कारण सीटों के बंटवारे में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए जमशेदपुर या खूंटी का ऑप्शन खुला हुआ है.

इसे भी पढ़ें- वामदलों का महागठबंधन से कोई सरोकार नहीं : गोपीकांत

इसे भी पढ़ें- राज्य सरकार ने शाह ब्रदर्स समेत लौह अयस्क के 14 खनन पट्टे रद्द किये

Related Articles

Back to top button