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लोहरदगा : सरकारी स्कूलों में मिसाल बना उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेटहट

निजी विद्यालयों की तरह मिल रही है सुविधा.

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Lohardaga : आमतौर पर शहरी क्षेत्र में स्थापित सरकारी विद्यालय ही बेहतर माने जाते हैं,. जब किसी ग्रामीण इलाके के सरकारी स्कूल में व्यवस्था को देख कर मन खुश हो जाए तो लगता है कि सरकार की कोशिश रंग ला रही है.

लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेटहट में शिक्षा व्यवस्था ही नहीं बल्कि शैक्षणिक माहौल भी दूसरे विद्यालयों के लिए आदर्श है. यहां पर बच्चों को हर वह सुविधा मिलती है जो किसी निजी विद्यालय में भी कम ही नसीब है. यही वजह है कि विद्यालय की व्यवस्था को लेकर स्थानीय ग्रामीण और विद्यार्थी तक बेबाक बोलने से नहीं चूकते.

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क्या कहते है प्रभारी प्रधानाध्यापक

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक लाल अरविंद नाथ शाहदेव कहते हैं कि हम दूसरे विद्यालयों से अलग हैं, यह कहने में उन्हें कोई संकोच नहीं है.

विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक और 5 शिक्षक हैं. कक्षा केजी से लेकर 8 तक संचालित इस विद्यालय में बागवानी, पेयजल की व्यवस्था, साफ सफाई की व्यवस्था, हैंड वॉश यूनिट, शौचालय की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, डस्टबिन का उपयोग, टीवी की सुविधा आदि देखकर मन खुश हो जाता है. बच्चों को शिक्षा बेहतर मिल रही है. यही वजह है कि विद्यालय के बच्चे सिर्फ शिक्षा ही नहीं हर गतिविधि में अव्वल स्थान प्राप्त कर रहे हैं.

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सरकार की कोशिश रंग ला रही है : स्थानीय ग्रामीण

यहां का माहौल काफी बेहतर है. सभी का सहयोग मिलता रहता है. बच्चों को शैक्षणिक रूप से आगे बढ़ाना उनका दायित्व है. स्थानीय ग्रामीण नौशाद अंसारी कहते हैं कि पंचायत में चार-पांच विद्यालय हैं, पर इस विद्यालय की बात ही अलग है. यहां पर हम कमियां निकालने में सक्षम नहीं है. सब कुछ तो है यहां पर. विद्यालय के विद्यार्थी भी विद्यालय की तारीफ को लेकर बेबाक बोलते हैं. सरकारी स्कूल में यह नजारा देखकर कहा जा सकता है कि सरकार की कोशिश रंग ला रही है.

 

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