न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अज्ञात बीमारी से तिल-तिल कर मर रहा मासूम, कमर के नीचे का पूरा हिस्सा हुआ बेजान

पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा पा रहे परिजन

186

Lohardaga: लोहरदगा के किस्को प्रखंड का रहने वाला 12 साल का चंगू उरांव एक साल पहले तक अन्य बच्चों की तरह ही मस्ती की जिंदगी जी रहा था. वह राजकीय मध्य विद्यालय कोचा में नियमित रूप से पढ़ने जाता था. अन्य बच्चों की तरह ही पढ़ाई करता, खेलता- कूदता और घर वापस चला जाता था. साल भर पहले चंगू को किसी अज्ञात बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कमर के नीचे का उसका पूरा हिस्सा बेजान हो गया. न तो वह चल पाता है और न ही कमर हिला पाता है. घर के कमरे में बस लेटा रहता है.

इसे भी पढ़ें-साल 2017 में झारखंड से करीब 10,879 महिलाओं ने काम की तलाश में घर छोड़ा

रिम्स ने भी खड़े किए हाथ

चंगू के पिता राजकुमार उरांव और मां जाटो उरांव बेहद गरीब हैं. बेटे की हालत पर आंसू बहा रहे हैं. उन्होंने चंदू का इलाज अपने स्तर से कराने का प्रयास किया. यहां तक कि रांची के रिम्स तक ले कर गए, पर बीमारी का पता ना चल सका. थक हार कर बेटे को ऊपर वाले के भरोसे छोड़ दिया है. बड़ी बात यह है कि गांव-गांव में स्वास्य्ा सुविधा का दावा करने वाली सरकार के तंत्र को इस बच्चे की सुध लेने की फुर्सत नहीं है.

इसे भी पढ़ें- फिर से निकला है “असमंजस” के बांध “मसानजोर” का जिन्न

विद्यालय के शिक्षकों ने की मदद

अब घर के बंद कमरे में ही चंगू की जिंदगी सिमट कर रह गई है. विद्यालय के शिक्षक कबीरउद्दीन अंसारी और उनके मित्र नवनीत गौड़ को जब यह जानकारी हुई तो उन्होंने अपने स्तर से बच्चे के बीमारी और आर्थिक स्थिति को लेकर प्रयास किया. लोगों से सहयोग और पहल का अनुरोध किया है. माता-पिता को अब किसी चमत्कार और भगवान का इंतजार है.

इसे भी पढ़ें- मसानजोर डैम विवाद : सरयू राय ने सीएम को लिखा पत्र, कहा- समाधान दुमका और वीरभूम स्तर पर संभव नहीं

असाध्य रोगों के इलाज के लिए सरकारी मदद का प्रावधान

असाध्य रोगों के इलाज के लिए सरकार की ओर से मदद का प्रावधान है, लेकिन इस परिवार को अब तक कोई मदद नहीं मिली है. परिवार को इस बात की जानकारी भी नहीं है कि उन्हे कैसे सरकारी मदद मिल सकती है. हालांकि परिवार वालों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उन्हे किसी तरह की मदद नहीं मिली है.

इसे भी पढ़ें- एचईसी आयी, तो एससी-एसटी को पैसा मिला और उनलोगों ने दारू पीकर उड़ा दिया : सांसद रामटहल चौधरी

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: