न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#Lockdown : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर 1070

762

Kolkata: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में आगामी 21 दिनों तक लॉकडाउन की घोषणा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य वासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर (1070) जारी किया है.

लॉकडाउन के दौरान किसी को भी कोई समस्या होगी तो इस नंबर पर फोन कर मदद मांग सकेगा. बुधवार को राज्य सचिवालय नवान्न में पत्रकार वार्ता कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने लोगों से अधिक मात्रा में राशन और सामान एकत्रित नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि लोग अपने घरों में रही रहें.

पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर

मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर पुलिस प्रशासन को इस आपदा की घड़ी में एक-दूसरे के बीच समन्वय बनाने को कहा और निर्देश दिया कि जरूरी सामानों की आपूर्ति करने के लिए निकले वाहनों को कतई ना रोका जाये.

दरअसल कई जगहों से ऐसी शिकायतें आ रही थीं कि दूध, सब्जी, फल ले जाने वाले लोगों को भी पुलिस रोक रही है और पिटाई कर रही है. इसको लेकर सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जो नियमित इस्तेमाल की जरूरी चीजें हैं उनकी आपूर्ति नहीं रोकी जानी चाहिए.

पुलिसकर्मियों को एक-दूसरे के साथ समन्वय और बढ़ाना होगा. उन्होंने कहा कि किसानों को खेत में काम करने से नहीं रोका जायेगा. हालांकि भीड़ नहीं होनी चाहिए.

Whmart 3/3 – 2/4

इसे भी पढ़ें : #Palamu में कोरोना के खौफ के चलते दो गुटों में मारपीट, एक की मौत, 5 से अधिक लोग हुए घायल

बुखार आदि से पीड़ित लोगों से ना हो भेदभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को अगर बुखार, सर्दी, खांसी या कोई और लक्षण हैं तो उससे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग मनुष्य हैं. इसलिए मानवता भूलकर दानवीय प्रवृत्ति ना अपनायें.

किसी को भी अगर बुखार वगैरह होता है तो उसका सामाजिक बहिष्कार नहीं होना चाहिए. उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की जायेगी. ऐसे लोगों से उन्होंने तुरंत चिकित्सक के पास भी जाने की अपील की. अगर किसी को भोजन आदि नहीं मिल रहा है तो पुलिस प्रशासन को इस बारे में विशेष तौर पर कदम उठाना होगा.

फुटपाथ पर रहने वालों के लिए नाइट शेल्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता के फुटपाथ पर बड़ी संख्या में लोग रहते हैं. आपदा की इस घड़ी में वे सबसे अधिक परेशान हैं. उनके लिए राज्य सरकार ने नाइट शेल्टर चालू की है. फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के खाने की व्यवस्था सरकार करेगी.

उन्होंने यह भी बताया कि चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को इनके अस्पतालों के आस-पास ही ठहरने की व्यवस्था होटलों में की गई है। सरकार उनकी सुविधाओं का ख्याल रख रही है.

इसे भी पढ़ें : #Lockdown21 : घर बैठे ही होगी आवश्यक सामग्री की होम डिलीवरी,  रांची जिला प्रशासन ने शुरू की सेवा

आम लोगों से की आर्थिक मदद की अपील

जानलेवा कोरोना वायरस के कारण बनी आपदा जैसी परिस्थिति में जरूरतमंदों की मदद के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आम लोगों से आगे आने की अपील की है.

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए आपदा राहत कोष में अनुदान का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य  सरकार ने पहले से 200 करोड़ रुपये के राहत कोष की शुरुआत की है. लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. इसीलिए लोगों को आगे आकर मदद करनी होगी.

उन्होंने कहा कि लोग चाहें तो रुपये की जगह सामान आदि भी दान कर सकते हैं. अनुदान देने के लिए लोग आईएएस ऑफिसर संजय बंसल के मोबाइल नंबर 9051022000 पर संपर्क कर सकते हैं.

इसके अलावा  स्टेट इमरजेंसी रिलीफ फंड अकाउंट (नंबर 628005501339, आइएफएससी कोड 006280) में  सीधे सहयोग राशि जमा करायी जा सकती है. राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट wb.gov.in पर जाकर कोई भी व्यक्ति आर्थिक मदद दे सकता है.

राज्यों के लिए केंद्र से मांगा आर्थिक पैकेज

पत्रकार सम्मेलन के दौरान ममता बनर्जी ने इशारे-इशारे में केंद्र सरकार पर अपेक्षित मदद नहीं करने का आरोप भी लगाया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अचानक यह आपदा की परिस्थिति आ गयी है. इससे मुकाबले में  राज्य सरकार अकेले लड़ रही है. केंद्र सरकार को चाहिए कि सभी राज्यों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करे.

इसे भी पढ़ें : #21lockdown: चतरा के कई गांवों में लगा नो एंट्री का बोर्ड, बाहरी लोगों को नहीं मिलेगा प्रवेश

न्यूज विंग की अपील


देश में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि तमाम नागरिक संयम से काम लें. इस महामारी को हराने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक उन निर्देशों का अवश्य पालन करें जो सरकार और प्रशासन के द्वारा दिये जा रहे हैं. इसमें सबसे अहम खुद को सुरक्षित रखना है. न्यूज विंग की आपसे अपील है कि आप घर पर रहें. इससे आप तो सुरक्षित रहेंगे ही दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like