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#Lockdown: अप्रैल में नहीं बिकी मारुति की एक भी कार, एमजी मोटर का भी सेल जीरो

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NewDelhi: कोरोना वैश्विक महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था को खासा नुकसान पहुंचा है. चाहे उद्योग-धंघे हो, व्यापार या कृषि सभी प्रभावित हुए है. लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है. इस लॉकडाउन के कारण अप्रैल महीने में मारूति की एक भी कार नहीं बिकी है.

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मारुति की अप्रैल महीने में नहीं बिकी एक भी कार

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की घरेलू बाजार में पिछले महीने एक भी कार नहीं बिकी. इसकी प्रमुख वजह 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन (बंद) होना है. बंद के लिए जारी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कंपनी के संयंत्रों में उत्पादन बंद है.


कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि अप्रैल 2020 में उसकी घरेलू बिक्री शून्य रही है. हालांकि बंदरगाहों के खुलने के बाद कंपनी ने मूंदड़ा बंदरगाह से 632 कारों का निर्यात किया है. निर्यात के लिए सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन किया गया.

एमजी मोटर की घरेलू बिक्री भी अप्रैल में रही शून्य

एमजी मोटर इंडिया की अप्रैल में घरेलू बिक्री शून्य रही. इसके पीछे की वजह भी देशव्यापी लॉकडाउन है. बंद के कारण डीलरों की दुकानें बंद रही और बिक्री जीरो रही.

कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी. कंपनी सिर्फ डीलरों की दुकानों से होने वाली बिक्री के आंकड़े जारी करती है. एमजी मोटर इंडिया ने अप्रैल के आखिरी सप्ताह में गुजरात के हलोल स्थित अपने संयंत्र में छोटे स्तर पर फिर से उत्पादन शुरू किया है.

कंपनी ने कहा कि वह सरकार और स्थानीय विभागों के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी सुरक्षात्मक कदम उठाकर संयंत्र चला रही है. कंपनी को उम्मीद है कि मई में कारखाना रफ्तार पकड़ लेगा. कंपनी स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला की मदद के लिए भी काम कर रही है.

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ऑटो कंपनियों ने मांगी रियायतें

बता दें कि ऑटोमोबाइल उन सेक्टरों में है जिस पर लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर हुआ है. इस सेक्टर में कामकाज ठप तो है ही इसके अलावा लक्जरी सेगमेंट होने के कारण भी इसकी बिक्री में तेजी आने की संभावना बहुत कम है

हालांकि डीलर बिक्री बढ़ाने के लिए दूसरे तरीके अपना रहे हैं. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बिक्री पर जोर देना डीलरों की मजबूरी हो गया है. ऐसे में वे कांटेक्टलेस बिक्री पर काम कर रहे हैं.

अर्थव्यवस्था में ऑटो सेक्टर की अहमियत को समझते हुए सरकार भी जल्द-से-जल्द ऑटोमोबाइल सेक्टर को पटरी पर लाने की इच्छुक दिखाई दे रही है. गुरुवार को भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और उनसे उद्योग को पटरी पर लाने के लिए सुझाव देने को कहा. इस बातचीत में कंपनियों की ओर से जीएसटी में कटौती और लिक्विटी बढ़ाने सहित कई मांगे रखी गयी हैं.

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