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#Lockdown में बाहर फंसे मजदूरों का फोन नहीं उठा रहे नोडल अधिकारी, सरकार ले संज्ञान : बाबूलाल मरांडी

Ranchi: बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि कोराना संकट के बीच झारखंड से बाहर फंसे मजदूरों की मदद में राज्य के अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. यह गंभीर चिंता का विषय है. सरकार इस पर संज्ञान ले.

मरांडी ने लॉक डाउन की स्थिति में राज्य सरकार द्वारा तय किये गये नोडल ऑफिसर्स पर आरोप लगाते हुए कहा है कि दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की मदद के लिए ये नोडल अधिकारी फोन तक नहीं उठाते.

बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि कोरोना आपदा के समय अभी अधिकारियों को संवेदनशील होकर इस दिशा में काम करना चाहिए.

मजदूरों की परेशानी सुनने पर ही तो होगा समाधान

बाबूलाल के अनुसार लगातार सूचना मिल रही है कि अधिकारी फोन नहीं उठाते जिससे मजदूर अपनी परेशानी नहीं बता पा रहे हैं. देश के विभिन्न प्रदेशों में बड़ी तादाद में मजदूर फंसे हैं.

वे भोजन, दवा और अन्य जरूरतों के लिए बेहद कठिन स्थिति का सामना कर रहे हैं. राज्य सरकार ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है.

अधिकारियों को जरुरतमंद मजदूरों का नाम-पता के साथ सूची तैयार करने को कहा गया था. सरकार को समीक्षा करनी चाहिए और देखना चाहिए कि उसके दिए गए निर्देशों के अनुपालन के तहत नोडल अफसरों ने किस गंभीरता के साथ काम किया है.

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सीएम ने भी माना – सबको वापस लाना संभव नहीं

कोरोना संकट को लेकर झारखंड के युवा और मजदूर अब भी बड़ी तादाद में दूसरे राज्यों में फंसे पड़े हैं.

इस बीच लॉक डाउन को कारगर बनाने और केंद्र सरकार के गाइड लाइन को देखते हुए हेमंत सरकार ने कहा है कि जो लोग दूसरे प्रदेशों में हैं, वहीं बने रहें.

वहां के शासन प्रशासन से बात कर झारखंड सरकार मजदूरों की जरूरतें पूरी करने की तमाम कोशिशें करेगी.  हेमंत सोरेन लगातार ट्वीट कर इस बारे में लोगों को भरोसा दिला रही है कि सबको वापस लाना संभव नहीं है पर उनकी जरूरतें पूरी करने का अभियान तेजी से चल रहा है.

26 मार्च को प्रोजेक्ट बिल्डिंग में मुख्य सचिन डॉ डीके तिवारी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन के बाद विभिन्न प्रदेशों में फंसे झारखंडवासियों द्वारा लगातार वापस घर लाने के आग्रह को देखते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया गया था.

मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार के गाइडलाइन का हवाला देते हुए स्पष्ट किया था कि झारखंड के जो लोग, अन्य प्रदेशों में जहां हैं, वहीं बने रहेंगे.

उन राज्यों के शासन और प्रशासन से संपर्क कर झारखंडवासियों की मूलभूत जरूरतों को वहीं पूरा कराया जायेगा.

लेकिन मजदूरों की मुश्किलें यह है कि सरकार मदद को लेकर जितना भरोसा दिला रही है और तैयारियां दिखा रही है, वह उन तक समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं.

कई जगहों से मजदूर वीडियो बनाकर और फोटो खींचकर सीधे हेमंत सोरेन को भेज रहे हैं. इन वीडियो में मजदूरों की बेबसी साफ झलकती रही है.

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राज्य सरकार ने की है नोडल अधिकारियों की तैनाती

हेमंत सोरेन की सरकार ने राज्य के बाहर मजदूरी करने वाले लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. साथ ही अलग-अलग राज्यों के लिए नोडल पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किये हैं.

इन पदाधिकारियों से करना है संपर्क  

प्रशांत कुमार (9431126679) – हरियाणा

राहुल शर्मा (94 31118199)-  तेलंगाना

के के सोन (943170 88 83)- गुजरात, अरूणाचल प्रदेश, त्रिपुरा

विनय कुमार चौबे (9430119083)- दिल्ली

अमरेंद्र प्रताप सिंह (9262997700) – महाराष्ट्र

अजय कुमार सिंह (9431107352)- कर्नाटक, असम, गोवा

प्रवीण कुमार टोप्पो (8986628258) -बिहार, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर

हिमानी पांडे (943114 0525)- राजस्थान,दादर नगर हवेली, दमन दीव, मेघालय

पूजा सिंघल (9431114011) – पंजाब,

आराधना पटनायक (9431100988) – उत्तर प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड

अबूबकर सिद्दीकी (9955107207)- केरल

के रवि कुमार (9431313503) – छत्तीसगढ़, मणिपुर, मिजोरम, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप

अमिताभ कौशल (94311600011)- पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, लद्दाख

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