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लॉकडाउन ने दूसरी बार तोड़ी किसानों की कमर, तरबूज की फसल को कर रहे नष्ट

Hazaribag: आखिर किसान करे तो क्या! पहले लॉक डाउन ने हालत को पतला कर दिया लेकिन दूसरे बार यास तूफान ने कमर तोड़ कर रख दी है.

अब खरीददार नही मिलने से परेशान होकर वे खून-पसीने से सींची फसल को अपने हाथों से नष्ट करने को मजबूर हो गये हैं. कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है हजारीबाग़ जिले के चुरचू प्रखंड में.

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खून-पसीने से खेत में खेती की लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण कोई खरीददार नहीं आया सामने. हम बात कर रहे तरबूज की.

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बड़े पैमाने पर किसानों ने खेत में तरबूज की खेती इस साल की ताकि गर्मी में इसकी खपत हो सके. पिछले साल भी किसानों को कोरोना संक्रमण काल में खामियाजा भुगतना पड़ा था.

लेकिन किसानों को इस बार भी दोहरी मार झेलनी पड़ी. एक तरफ लॉक डाउन के कारण व्यापारियों का न आना, वहीं दूसरी ओर यास तूफान का कहर. ऐसे में छोटे किसान काफी मायूस हैं. जी तोड़ मेहनत के बाद भी उनको बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है. जहां लाखों की पूंजी खेतों में लगी लेकिन उसका फायदा नही मिला और पैसे बर्बाद हो गए.

अब किसान कह रहे हैं कि सरकार उनकी मदद करे. ये सिर्फ चुरचू प्रखण्ड की ही बात नहीं. इससे पूर्व कटकमसांडी प्रखण्ड के किसानों ने खरीददार नहीं मिलने के कारण गुस्से में आकर भारी मात्रा में टमाटर को नष्ट किया था.

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