न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

100 कमरों के मकान में रहता है दुनिया का सबसे बड़ा परिवार, घर में कुल 181 सदस्य

167

New Delhi : परिवार में शादी हो तो डेढ़ दो सौ लोगों का खाना बनाना और खिलाना कितना बड़ा काम होता है, लेकिन अगर किसी परिवार में हर रोज ही बारात को खिलाने जितना खाना पकता हो तो उसकी कल्पना करना मुश्किल है। मिजोरम में दुनिया का सबसे बड़ा परिवार रहता है, जिसके 181 सदस्य 100 कमरों के मकान में एक साथ रहते हैं. महंगाई के इस दौर में जब चार पांच सदस्यों वाले परिवार का पालन पोषण करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है, वहीं जिओना चाना अपनी 39 पत्नियों, 94 बच्चों, 14 बहुओं और 33 पोते पोतियों के अलावा एक नन्हें प्रपौत्र के साथ बड़े प्यार से रहते हैं.

इसे भी पढ़ें- दिल्ली, कर्नाटक, इलाहाबाद, देहरादून तक है झारखंड के IAS अफसरों की धन-संपत्ति

जिओना बड़े अनुशासन से चलाते हैं परिवार

अपने बेटों के साथ बढ़ई का काम करने वाले जियोना चाना का परिवार मिजोरम में खूबसूरत पहाडि़यों के बीच बटवंग गांव में एक बड़े से मकान में रहता है. परिवार जब सबसे बड़ा है तो जाहिर है कि मकान भी सबसे बड़ा होगा. मकान में कुल सौ कमरे हैं. जियोना दुनिया के इस सबसे बड़े परिवार के मुखिया होने पर गौरवान्वित महसूस करते हैं. जिओना अपने परिवार के साथ 100 कमरों के जिस मकान में रहते हैं उसमें एक बड़े से रसोईघर के अलावा सबके लिए पर्याप्त जगह है. जिओना अपने परिवार को बड़े अनुशासन से चलाते हैं.

इसे भी पढ़ें- मिजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान परवान पर, निधि खरे खुद कर रही हैं मॉनिटरिंग

सब मिलकर करते हैं घर के कामकाज

चाना के बड़े पुत्र नुनपरलियाना की पत्नी थेलेंजी बताती हैं कि परिवार में सब लोग बड़ी खुशी से रहते हैं और लड़ाई झगड़े जैसी कोई बात नहीं है. खाना बनाने और घर के अन्य कामकाज भी सब मिलकर करते हैं. परिवार की महिलाएं खेती बाड़ी करती हैं और घर चलाने में योगदान देती हैं. चाना की सबसे बडी पत्नी मुखिया की भूमिका निभाती है और घर के सभी सदस्यों के कार्यों का बंटवारा करने के साथ ही कामकाज पर नजर भी रखती हैं.

इसे भी पढ़ें- गिरिडीह: गांडेय बीडीओ के घर में घुस कर अपराधियों ने गोली मारी

कितना है एक दिन के राशन का खर्चा

एक आम परिवार में जितना राशन दो महीने चलता है, इस परिवार की भूख मिटाने के लिए हर दिन उतना राशन खर्च हो जाता है. यहां एक दिन में 45 किलो से ज्यादा चावल, 30-40 मुर्गे, 25 किलो दाल, दर्जनों अंडे, 60 किलो सब्जियों की जरूरत होती है. इसके अलावा इस परिवार में लगभग 20 किलो फल की भी हर रोज खपत होती है. परिवार में इतने सदस्यों के नाम, उनके जन्मदिन और उनके अन्य क्रियाकलाप पर नजर रखना कितना मुश्किल होता है, इस बारे में चाना के सबसे बड़े पुत्र नुनपरलियाना बताते हैं कि परिवार में सब सदस्यों के नाम याद रखना मुश्किल नहीं है. लोग अपने ढेरों दोस्तों के नाम भी तो याद रखते हैं, हम उसी तरह अपने भाई बहनों और अपने तथा उनके बच्चों के नाम याद रखते हैं. हां, जन्मदिन याद रखने में दिक्कत होती है, लेकिन किसी न किसी को याद रह ही जाता है.

इसे भी पढ़ें- हिंदपीढ़ी : 20 दिन पहले ही सिविल सर्जन से की गयी थी चिकनगुनिया फैलने की शिकायत, फिर भी सोया रहा प्रशासन

अपने आप में पूरा गांव हैं परिवार के सदस्य 

इलाके की सियासत में भी चाना परिवार का खासा दबदबा है. एक साथ एक ही परिवार में इतने सारे वोट होने की वजह से तमाम नेता और इलाके की राजनीतिक पार्टियां जियोना चाना को अच्छा खासा महत्व देती हैं, क्योंकि स्थानीय चुनाव में इस परिवार का झुकाव जिस पार्टी की तरफ होता है, उसे ढेरों वोट मिलना पक्का है. एक तरफ जहां देश में संयुक्त परिवार की परंपरा लगभग खत्म हो चली है, एक ही छत के नीचे इतने बड़े परिवार का एक साथ रहना आश्चर्य के साथ-साथ एक सुखद एहसास भी देता है. गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज इस परिवार के सदस्य अपने आप में पूरा गांव हैं. बात करें तो सुनने वालों की कमी नहीं, मैच खेलने जाएं तो देखने वालों की कमी नहीं और एक साथ बैठ जाएं तो अपने आप में मेला और त्यौहार हो जाए.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: