JamshedpurJharkhand

ब्रह्मानंद अस्पताल में नन्ही ज्योति को ऑपरेशन के बाद मिली नयी जिंदगी, नाम्या स्माइल फाउंडेशन ने उठाया इलाज का जिम्मा

दिल में छेद की बीमारी से जूझ रही थी नन्ही ज्योति, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने की पहल

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी क्षेत्र अंतर्गत केंदाडीह के जानेगोरा गांव निवासी फलूश हांसदा के 10 महीने की मासूम ज्योति हांसदा के दिल में छेद था. जादूगोड़ा क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता लीताराम मूर्मू ने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सह नाम्या स्माइल फाउंडेशन के संस्थापक पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी को मामले की जानकारी दी. पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने पीड़ित परिवार के घर जाकर पूरी जानकारी ली और आश्वस्त किया कि बच्ची के इलाज में होने वाले खर्च को संस्था द्वारा उठाया जायेगा. नन्ही ज्योति के दिल का तमोलिया स्थित ब्रह्यानंद अस्पताल में डॉ परवेज आलम ने सफल ऑपरेशन किया है. ऑपरेशन के 48 घंटे के देखरेख के बाद ज्योति पूर्ण रूप से स्वस्थ है. नन्ही ज्योति के इलाज में चिकित्सकीय पहल करने वाली संस्था नाम्या स्माइल फाउंडेशन के संस्थापक कुणाल षाड़ंगी ने पिछले तीन महीने से बच्ची के अस्पताल में एडमिट करने से लेकर ऑपरेशन पर नजर रखा था. इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन से पहले अपने फेसबुक पोस्ट के जरिये लोगों से अपील भी की, जिसमें उन्होंने ज्योति के लिए लोगों की दुआ मांगी थी. आखिरकार, ब्रह्मानंद अस्पताल में डॉ परवेज आलम ने ज्योति का सफल ऑपरेशन किया.

ज्योति के माता-पिता की प्रसन्नता में ही खुशीः कुणाल

कुणाल षाड़ंगी ने डॉ समेत अस्पताल प्रबंधन का आभार जताते हुए कहा कि मैं तो बस एक माध्यम मात्र हू. उन्होंने कहा कि इस बात का संतोष है कि पिछले तीन महीनों की मेहनत रंग लायी और बेटी ज्योति को नया जीवन मिल गया. नन्ही बच्ची के माता-पिता के चेहरे पर प्रसन्नता का भाव देखना ही असली खुशी है. वहीं, ज्योति के माता-पिता ने कुणाल षाड़ंगी और नाम्या स्माइल फाउंडेशन आभार जताया. कहा कि परिवार ने ज्योति के बेहतर इलाज की आशाएं छोड़ दी थीं, मगर कुणाल षाड़ंगी ईश्वर का रूप बनकर सामने आये.

ram janam hospital
Catalyst IAS

जानें क्या है मामला

The Royal’s
Sanjeevani
Pushpanjali
Pitambara

मुसाबनी क्षेत्र अंतर्गत केंदाडीह के जानेगोरा गांव निवासी फलूश हांसदा की 10 महीने की मासूम ज्योति हांसदा के दिल में छेद था. अत्यंत गरीब परिवार के पास न तो राशन कार्ड था और न ही आयुष्मान कार्ड. आंगनबाड़ी सेविका द्वारा उचित ध्यान न देने से बच्ची के बारे में वास्तविक जानकारी परिजनों को काफी देर से मिली. इसी बीच तबियत बिगड़ने पर पहले घाटशिला और फिर जमशेदपुर के ब्रह्यानंद ले जाया गया, जहां पता चला कि बच्ची के दिल में छेद है. जबकि आंगनबाड़ी सेविका ने अपनी रिपोर्ट में बच्ची को सामान्य बताया था. मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने पीड़ित परिवार के घर जाकर पूरी जानकारी ली और इलाज में जरूरी कागजात के साथ राशन कार्ड बनवाकर आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा. इस दौरान महंगी जांच प्रक्रिया में भी काफी खर्च था. जिसका बीड़ा सामाजिक संस्था नाम्या स्माइल फाउंडेशन ने उठाया.

इसे भी पढ़ें – कुशीनगर: नारायणी नदी में नाव हादसा, दस डूबे, तीन युवतियों की मौत

Related Articles

Back to top button