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भारतीय अर्थव्यवस्था में Lipstick effect, अर्थिक सुस्ती में भी फिल्में मस्त, बढ़ रहा कलेक्शन

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New Delhi: एक तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्ती का सामना कर रही है तो दूसरी ओर एक सेक्टर में तेजी देखी जा रही है. वह है फिल्मों का बाजार.

फिल्म इंडस्ट्री में ग्रोथ देखने को मल रहा है. फिल्म देखनेवालों की संख्या में इजाफा हुआ है औऱ कई फिल्मों ने 100 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया है. रेटिंग एजेंसी CARE Ratings ने अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र करते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था पर ‘लिपस्टिक इफेक्ट’ है.

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क्या है लिपस्टिक इफेक्ट

सुनने में यह कुछ अजीब सा लगता है पर अर्थशास्त्र में यह भी एक सिद्धांत है. लिपस्टिक इफेक्ट एक आर्थिक संकेत है, जिसके तहत जरूरी सामग्री के बाद ग्राहक कम महंगी चीजों पर ज्यादा खर्च करते हैं. यानी जब उनके पास कम पैसा होता है, तो वे छोटी-मोटी चीजों पर खर्च कर पाते हैं. अर्थव्यवस्था की कमजोरी के दिनों में यह तीव्रता बढ़ जाती है. ग्राहक कम दामवाली लग्जरी चीजों पर खर्च करते हैं और पैसे बचाने का प्रयास करते हैं.

सिद्धांत के मुताबिक यह वह दौर होता है, जब महिलाएं घरेलू जरूरतों के लिए कोई बड़ा सामान तो नहीं खरीदतीं, लेकिन लिपस्टिक जैसी चीजों को ऊंची कीमतों पर भी खरीदती हैं.

Whmart 3/3 – 2/4

रिपोर्ट के मुताबिक इस इफेक्ट का ही असर है कि आर्थिक सुस्ती के दौर में भी लोग फिल्में देखने जा रहे हैं. बता दें कि केंद्र सरकार के एक मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी विवादित बयान देते हुए कहा था कि फिल्में देखनेवाले लोगों की संख्या बढ़ी है, फिर मंदी कैसे कही जा सकती है.

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मंदी में कैसे काम करता है लिपस्टिक इफेक्ट

जिस वक्त अर्थव्यवस्था में सुस्ती या मंदी रहती है उस दौरान एफएमसीजी सेक्टर में भी अक्सर ग्रोथ की स्थिति बनी रहती है. भले ही कितनी भी मंदी की स्थिति हो लोग खान-पान की चीजों पर खर्च को नहीं रोकते. पिछले ही दिनों एफएमसीजी कंपनियों के आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गयी थी. इन कंपनियों में हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड, मारिको और पारले जैसी कंपनियां शामिल थीं.

जीएसटी कम होने के चलते बढ़ा कलेक्शन

फिल्म सेक्टर का आंकड़ा बढ़ने का एक और कारण जीएसटी में कमी माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2018 में जीएसटी की दरों में कटौती के चलते सिनेमा के टिकट सस्ते हुए हैं. इससे सिनेप्रेमियों में थोड़ा उत्साह बढ़ा है. टिकटों पर जीएसटी की नयी दरों के तहत 100 रुपये से ज्यादा की कीमत पर 18 फीसदी और 100 रुपये से कम के टिकट पर 12 फीसदी टैक्स लग रहा है.

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