न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

भूमिगत जल फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह, सीमित उपयोग की हो इजाजत:  संसदीय समिति

 संसद की एक समिति ने भूमिगत जल को बैंकों में जमा की जाने वाली सावधि जमा की तरह बताया है.

216

NewDelhi :   संसद की एक समिति ने भूमिगत जल को बैंकों में जमा की जाने वाली सावधि जमा की तरह बताया है. उसने कहा है कि इस जल के इस्तेमाल की अनुमति केवल असाधारण परिस्थितियों में ही दी जानी चाहिए, वह भी केवल सीमित मात्रा में. समिति ने यह सुझाव पेयजल की बढ़ती मांग तथा भूमिगत जल के बिगड़ते स्तर को ध्यान में रखते हुए दिया है. उसने कहा कि सरकार को सार्वजनिक -निजी भागीदारी मॉडल पर आधारित जल पैकेजिंग उद्योग को प्रोत्साहित करना चाहिए.

जल संसाधन पर गठित संसद की स्थायी समिति ने उद्योगों द्वारा पानी के व्यावसायिक दोहन के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर एक हालिया रिपोर्ट में कहा कि जल पैकेजिंग इकाइयों की स्थापना सरकार की पहल थी ताकि लोगों को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.

इसे भी पढ़ेंःमुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक के दौैरान भगदड़, 15 से ज्यादा जख्मी

पानी की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर पाटना सरकार की जिम्मेदारी

समिति का मानना है कि उपभोग के लिए पानी की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को पाटना सरकार की सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है. रिपोर्ट में कहा गया है, समिति सुझाव देती है कि साफ एवं सुरक्षित पानी की उपलब्धता में सरकार को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए. भूमिगत जल हमारे लिए निश्चित जमापूंजी की तरह है और यह भविष्य में पानी की मांग की पूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. समिति पूरी मजबूती के साथ यह सिफारिश करती है कि सरकार को भूमिगत जल का इस्तेमाल करने की अनुमति केवल असाधरण परिस्थितियों में देनी चाहिए.

palamu_12

इसे भी पढ़ेंःकांग्रेस ने सपा-बसपा चेताया, कमतर नहीं आंकें, साथ नहीं रखा तो होगा भाजपा को फायदा 

 न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं. 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: