न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

500 मेगावाट के पावर प्लांट को दो माह बाद किया गया लाइटअप, ऐश पौंड के लिए जगह का संकट

सीसीएल की बंद खदानें नहीं मिलीं तो बंद हो सकते हैं बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा के पावर प्लांट : बीएन साह

734

Bermo : बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट को दो माह बाद सोमवार को बिजली उत्पादन के लिए लाइटअप किया गया. हालांकि खबर लिखे जाने तक उत्पादन आरंभ नहीं किया जा सका था. देर रात शुरू होने की उम्मीद है. पावर प्लांट चालू किये जाने के बाद उसका ऐश युक्त पानी नूरी नगर स्थित दो नबर ऐश पौंड में गिराया जा रहा है.

विदित हो कि एक नंबर ऐश पौंड के पिछले 12 सितंबर को टूटने के बाद से बोकारो थर्मल के 500 मेगावाट के ए तथा 210 मेगावाट के बी पावर प्लांट की तीन नंबर यूनिट से बिजली उत्पादन ठप पड़ा हुआ था.

Sport House

31 दिनों बाद पावर प्लांट की यूनिट को 12 अक्टूबर को डीवीसी अध्यक्ष एवं मंत्रालय के आदेश पर लाइटअप किया गया था. लाइटअप के बाद बिजली उत्पादन के महज 57 घंटे बाद ही पावर प्लांट को 15 अक्टूबर की रात सवा दस बजे बंद कर देना पड़ा था.

पावर प्लांट को ऐश पौंड के दो नंबर सेटलिंग पौंड से रिकवरी सिस्टम के सम्प में काफी मात्रा में छाई युक्त पानी के आने तथा पंप हाऊस में पानी भरने के कारण बंद किया गया था.

इसे भी पढ़ें : बीजेपी का टिकट बंटवाराः 130 करोड़ के दवा घोटाले के आरोपी भानू प्रताप को टिकट और घोटाले को उजागर करनेवाले सरयू राय होल्ड पर

Mayfair 2-1-2020

सीसीएल की बंद खदानें नहीं मिलीं तो बंद करने होंगे बोकारो थर्मल व चंद्रपुरा के पावर प्लांट

बोकारो थर्मल के 500 मेगावाट के लाइटअप किये जाने की पुष्टि डीवीसी मुख्यालय कोलकाता के ईडी ऑपरेशन बीएन साह ने करते हुए कहा कि डीवीसी बोकारो थर्मल के पावर प्लांट सहित डीवीसी के सभी पावर प्लांट फुल लोड पर बिजली उत्पादन के लिए तैयार हैं परंतु बिजली की मांग कम होने के कारण कम लोड पर उत्पादन किया जा रहा है.

ईडी ऑपरेशन ने कहा कि बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा के पावर प्लांटों की छाई फेंकने के लिए सीसीएल की बंद खदानों का मिलना नितांत आवश्यक हो गया है. बंद खदानों के नहीं मिलने की स्थिति में मजबूरन बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा पावर प्लांटों को बंद करना पड़ सकता है.

कहा कि सीसीएल की खदानों में दो दिन छाई फेंकने के बाद इस पर रोक लगा दी गयी थी जिससे समस्या यथावत है. कहा कि बोकारो थर्मल के पावर प्लांट के बंद होने से डीवीसी को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.

इसे भी पढ़ें : संजीवनी बिल्डकॉन का घोटालेबाज जयंत दयाल नंदी 7 साल से फरार, नहीं ढूंढ पा रही पुलिस और CBI

दोषी इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई

डीवीसी मुख्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि पौंड टूटने के मामले की जांच कर रही कोलकाता एवं मैथन की जांच कमेटी टीम के द्वारा जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी गयी है.

मामले में दोषी पाये जाने वाले डीवीसी के इंजीनियरों पर कार्रवाई यथाशीघ्र की जायेगी.

डीवीसी का उत्पादन 4375 मेगावाट

सोमवार को डीवीसी के छह प्रोजेक्टों से 4375 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था. चंद्रपुरा से 396, डीएसटीपीएस अंडाल से 810, कोडरमा से 898, मीजिया से 1492, रघुनाथपुर से 742, मैथन से 27 मेगावाट बिजली का उत्पादन दर्ज किया गया.

इसे भी पढ़ें : #Jamshedpur : ढाई दशकों से चुनावी राजनीति में रघुवर के अलावा कोई मजदूर नेता नहीं, पार्टियां नहीं दे रहीं मौका

SP Deoghar

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like