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आइये चलें लुगुबुरू, जहां कार्तिक पूर्णिमा को लगता है आस्था का मेला

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Gomia(Bokaro): आइये चलते हैं आस्था के उस स्थल पर जहां साल में एक बार संथाली आदिवासी समाज जुटता है. यह जुटान होता है लुगु पहाड़ पर. ललपनिया स्थित संथालियों का यह पवित्र शक्ति पीठ लुगुबुरू घन्टाबाड़ी है. इस स्थान की महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां उनके पूर्वजों ने लुगुबाबा के गौरवशाली संविधान और संस्कृति की रचना की थी. जिसे आज तक संथाली आदिवासी समाज के लोग मानते हैं. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर यहां देश-विदेश से हजारों की संख्या में संथाली समाज के लोग जुटते हैं. यूं तो यहां पर वर्षों से कार्यक्रम का आयोजन होता रहा है पर 2001 से इसे बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है. यह महोत्सव दो दिवसीय होता है.

कभी नहीं सूखता छरछरिया नाले का पानी

लुगूबुरू घन्टाबाड़ी आदिवासियों का एक पवित्र धर्मस्थल है. जंगल-झाड़ में रहनेवाले संथाली आदिवासी प्रकृति के उपासक हैं. इस स्थान की महत्ता इतनी है कि यहां के छरछरिया नाले का पानी कभी नहीं सूखता. सालोभर इसमें पानी बहता रहता है. लुगुबाबा की कृपा इतनी बरसती है कि हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन झारखंड समेत देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुगण अपने-अपने परिवार के साथ लुगुबाबा के दरबार में पहुंच कर आदिवासी परम्परा के तहत पूजा-अर्चना कर अपने-अपने परिवारों की सुख-शांति, समृद्धि व उन्नति की मंगलकामनाएं करते हैं.

पत्थरों के रूप में मौजूद हैं पूर्वज

महाधर्म सम्मेलन में भाग लेने से पहले संथाली श्रद्धालु घन्टाबाड़ी में पूजा-अर्चना करते हैं. इसके बाद सभी श्रद्धालु पैदल चल कर लगभग 8 किलोमीटर ऊपर लुगुपहाड़ गुफा पहुंचते हैं. जहां गुफा में बिराजमान लुगूबाबा के दरबार में हाजरी लगाते हैं. घन्टाबाड़ी में मौजूद चट्टानों को संथाली दोरबार चटटानी के नाम से पुकारते हैं. और सभी पूर्वज ईष्ट देवता दोरबार चटटानी में बने मंदिर में एक साथ पत्थरों के रूप में विराजमान हैं. यह दो दिवसीय सम्मेलन देश में ऐतिहासिक होता है. इसको लेकर 15 दिन पूर्व से ही जिले में प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं.

सारी तैयारियां पूरी

18वें अंतरराष्ट्रीय वार्षिक दो दिवसीय महाधर्म सम्मेलन धार्मिक अनुष्ठान की सारी तैयारी बुधवार को पूरी कर ली गयी है. और गुरुवार से देश-विदेश से हजारों की संख्या में संथाली  आदिवासी समाज के लोग घन्टाबाड़ी पहुंचेंगे. इसके लिए काफी बड़े पंडाल का निर्माण किया गया है. सम्मेलन सम्पन होने तक रात्रि में प्रवचन आयोजित किया जाएगा. यह जानकारी समिति के अध्यक्ष सह मुखिया बबुली सोरेन ने पत्रकारों को दी.

घन्टाबाड़ी महोत्सव में लगे 750 स्टॉल

घन्टाबाड़ी में आयोजित दो दिवसीय महाधर्म सम्मेलन में लगने वाले महोत्सव में 750 स्टॉल लगाये गये हैं. जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षक एवं सुविधा का केंद्र बने हैं. वही घन्टाबाड़ी स्थल के चारों तरफ विधुत व्यवस्था कर दुल्हन की तरह सजाया गया है. लाखों श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने से लेकर ठहरने हेतु विशेष प्रबंध समिति व जिला प्रशासन की ओर से किया गया है. जिला प्रशासन द्वारा महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पर अलग-अलग शौचालय व पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था के साथ खास कर यात्रियों के लिए टेंटसिटी की व्यवस्था भी की गई है. वहीं प्रशासन द्वारा चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, क्वालिटी सर्किल फार्म, अग्निशमन, सुरक्षा जलापूर्ति विभाग, संकाय विभाग का भी स्टॉल लगाया गया है. आयोजित सम्मेलन में समिति के द्वारा श्रद्धालुओं की विधि व्यावस्था प्रदान करने तथा देखरेख हेतु लगभग एक हजार से अधिक सदस्यों को जगह-जगह पर तैनात किया गया है. वहीं जिला प्रशासन भी उक्त महोत्सव को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन कराने में जुटा हुआ है.

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