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केरल के मछुआरों को नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाये, शशि थरूर ने लिखा नोबेल समिति के अध्यक्ष को पत्र

थरूर ने लिखा कि केरल के मछुआरों का समूह त्रासदी के समय अपनी जान और अपनी जीविका के साधन नौकाओं की परवाह किये बिना नागरिकों को बचाने के काम में जुट गये.

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NewDelhi : केरल के मछुआरों को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग की गयी है. तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने नॉर्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष को पत्र लिख कर केरल के उन मछुआरों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार देने की अनुशंसा की है जिन्होंने 2018 में राज्य में आयी बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों में मदद की थी. थरूर ने लिखा कि केरल के मछुआरों का समूह त्रासदी के समय अपनी जान और अपनी जीविका के साधन नौकाओं की परवाह किये बिना नागरिकों को बचाने के काम में जुट गये. कहा कि मछुआरे अपनी नौकाओं को अंदरूनी इलाकों में ले गये और स्थानीय स्थितियों की बेहतर जानकारी होने के वजह से राहत कार्य में उनकी हिस्सेदारी काफी सहायक साबित हुई. सांसद के अनुसार उन्होंने अपने आस-पड़ोस में फंसे हुए कर्मियों की न सिर्फ सहायता की बल्कि बचाव टीमों की नौकाओं का मार्गदर्शन भी किया. सांसद ने कहा कि  बाढ़ के दौरान मछुआरों की लोगों की जान बचाने की सेवा स्पष्ट तौर पर दिखी.

मॉनसूनी बारिश के बाद 417 लोगों को अपनी जान से हाथ धो बैठे थे.

बता दें कि केरल में पिछले साल 29 मई से शुरू हुई मॉनसूनी बारिश के बाद 417 लोगों को अपनी जान से हाथ धो बैठे थे. साथ ही 8.69 लाख लोगों की धन-संपत्ति सहित सब कुछ तबाह हो गया था. उस त्रासदी में केरल में दुनिया भर से फंड पहुंचाया गया.  इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स, इंडियन नेवी और एनडीआरएफ की टीम के अलावा केरल के मछुआरों ने भी अपना अहम योगदान दिया था. शशि थरूर ने कहा कि राज्य में उपजे बाढ़ के हालात के दौरान मछिुआरों ने राहत बचाव कार्य के दौरान लोगों की काफी मदद दी की थी, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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