JharkhandRanchi

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिले वामदलों के प्रतिनिधि, किसान-मजदूर विरोधी कदम वापस लेने का आग्रह

प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि संसदीय नियमों को ताक पर रखकर हाल ही में संसद से पारित किसान व कृषि से संबंधित तीनों विधेयकों को अविलंब वापस लिया जाये.

विज्ञापन

 Ranchi : वामदलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की.   प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उठाये गये कदमों से आमजन को होने वाली परेशानी से अवगत कराया. इस क्रम में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों से संबंधित मांगें भी रखी.

प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि संसदीय नियमों को ताक पर रखकर हाल ही में संसद से पारित किसान व कृषि से संबंधित तीनों विधेयकों को अविलंब वापस लिया जाये. इसे काला विधेयक करार देते हुए कहा कि इससे आवश्यक वस्तु अधिनियम और एमपीएमसी कानून कमजोर होगा जिससे किसान बर्बाद हो जायेंगे. कहा कि संसद से 2 पेज में पारित 44 श्रम कानूनों को चार संहिता में तब्दील किये जाने का मजदूर विरोधी कदम वापस लिया जाये.

इसे भी पढ़ें : सरना कोड की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों का चक्का जाम 15 अक्तूबर को

advt

कमर्शियल माइनिंग किये जाने का फैसला रद्द करने की मांग 

देश में कमर्शियल माइनिंग किये जाने का फैसला रद्द किया जाये. ग्राम सभा की इजाजत के बाद ही खनन का काम कोल इंडिया के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाये. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, कल कारखानों, प्रतिष्ठानों जिनमें भारतीय रेलवे, बिजली, संचार, पेट्रोलियम, कोयला बैंक, बीमा और रक्षा उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं,  इनके निजीकरण पर रोक लगायी जाये.

कोविड-19 के दौरान आम लोगों के जीवन जीविका पर भारी संकट आया है,  इसलिए लॉक डाउन की अवधि से अगले छह माह तक आयकर के दायरे से बाहर सभी व्यक्तियों के बैंक खाते में प्रधानमंत्री केयर फंड से 7500 रुपये प्रतिमाह ट्रांसफर किये जाये.

इसे भी पढ़ें :बड़ी खबर :  शिक्षक नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाइकोर्ट के फैसले पर स्टे लगाया

प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिमाह 10 किलो अनाज निशुल्क उपलब्ध हो

इस महामारी का मुकाबला करने के लिए आपदा प्रबंधन कानून का सहारा लिया गया है. इसलिए इस महामारी से मौत के शिकार हुए लोगों के परिवारों को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के प्रावधानों के हिसाब से एक मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाये.

adv

अगले छह माह तक जरूरतमंद परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिमाह 10 किलो अनाज निशुल्क उपलब्ध कराया जाये. महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों पर अत्याचार और उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक के लिए ठोस उपाय किये जाये.

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच की जाये. अभिव्यक्ति की आजादी पर हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाये. राजनीतिक सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को राजनीतिक प्रतिशोध के लिए झूठे मुकदमों में फंसाया जाने की कार्यवाही पर रोक लगाई जाये.

जेलों में बंद सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाये

यूएपीए, एनएसए व सेडिशन एक्ट जैसे अति दमनकारी कानूनों के अंतर्गत जेलों में बंद सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाये. झारखंड के मानवाधिकार एक्टिविस्ट 83 वर्षीय बुजुर्ग फादर स्टैन स्वामी पर लगाये गये तमाम झूठे आरोप वापस लिये जायें और उन्हें अविलंब रिहा किया जाये.

राज्य सरकार से संबंधित मांगों के संबंध में कहा कि राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जाये. सभी जिला अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं मुहैया करायी जाये. डॉक्टरों समेत स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त संख्या बढ़ायी जाये तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सूचित करते हुए उनके क्रियाकलापों से संबंधित समस्याओं को हल करने की दिशा में उचित कदम उठाया जाये.

इसे भी पढ़ें : RU : 29 अक्टूबर से शुरू होंगी ग्रेजुएशन फाइनल ईयर की परीक्षाएं, मास्क, सैनिटाइजर और फिजिकल डिस्टेंसिंग जरूरी

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button