JharkhandRanchi

वाम ट्रेड यूनियन ने कहा- संसदीय परंपरा को ताक में रख पारित किया कृषि विधेयक

विज्ञापन

Ranchi. तीन कृषि विधेयक के खिलाफ 25 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से राष्ट्र स्तर पर यह निर्णय लिया गया है. इस आह्वान के तर्ज पर राज्य किसान भी पंचायत, ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेंगे. राज्य के किसान संघों की ओर से यह निर्णय लिया गया है. वहीं वाम श्रमिक और ट्रेड यूनियनों की ओर से विरोध प्रदर्शन को समर्थन करने का निर्णय लिया गया है.

ये भी पढ़ें- पीएलएफआई के दो उग्रवादी गिरफ्तार, लेवी वसूली और आगजनी समेत कई घटनाओं में थे शामिल

एटक के पीके गांगूली ने बताया कि किसानों के विरूद्ध जाकर केंद्र सरकार ने यह विनाशकारी कानून लाया है. जिसके विरोध के लिये किसान, मजदूरों के लिये एकजुटता की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कृषि राज्य का विषय है. ऐसे में सरकार बिना विचार विर्मश किये ऐसा निर्णय नहीं ले सकती. बता दें इन विधेयकों के विरोध में सोमवार को भी राज्य के किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया. जिसमें राहे, सोनाहातू समेत अन्य प्रखंडों में किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला दहन किया.

advt

संसदीय परंपराओं को ताक पर रखकर पास कराया

गांगूली ने कहा कि केंद्र सरकार संसदीय परंपराओं को ताक पर रखकर विधेयक पारित कराया है. यह निंदनीय है. बिना चर्चा कराए और बिना मत विभाजन के जबरजस्ती सरकार ने विधेयक पारित किया. ऐसा सिर्फ और सिर्फ कॉर्पोरेट घरानों को खुश करने के लिये किया गया है. सरकार देश के इस अलोकतांत्रिक हरकत संघीय ढांचें को कमजोर करेगी. भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है.

ये भी पढ़ें- फिक्स्ड चार्जेस में दी गयी तीन महीने की रियायत, सितंबर तक बिना सरचार्ज बिल भुगतान करें

इंटक के राकेश्वर पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला कृषि उत्पादन अर्थव्यवस्था को परस्त कर देगा. साथ ही बाजार को कमजोर करते हुए कॉर्पोरेट गठबंधन को बढ़ावा देगी. ऐसे में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाभ मिलेगा. आवश्यक वस्तु अधिनियम मे बदलाव के चलते जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ जायेगी. उन्होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन को राज्य के सभी वाम ट्रेड यूनियन समर्थन दे रहे हैं.

adv
advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button