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महागठबंधन में जगह नहीं मिली तो वामपंथी दल मिल कर लड़ेंगे चुनाव

वामदलों ने की संयुक्त प्रेस वार्ता  

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Ranchi: राज्य के वामदलों ने शुक्रवार को संयुक्त प्रेस वार्ता कर यह घोषणा की वे लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे और इसके लिए उन्होंने क्षेत्र चिह्नित कर लिये हैं. शुक्रवार को सीपीआइएम, सीपीआइ, सीपीआइ माले और मासस के राज्य प्रतिनिधियों ने कहा कि वे सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. सीपीआइ माले के जर्नादन प्रसाद ने कहा कि महागठबंधन में अगर वामपंथियों को सीट नहीं मिलती है, तो ऐसे में वामपंथी आपसी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में बीजेपी को रोकना वामपंथियों का सबसे प्रमुख एजेंडा है. अगर महागठबंधन में वामपंथियों को सीट नहीं मिलती और अगर कोई ऐसी सीट जहां दूसरी पार्टी के उम्मीदवार हों तो ऐसे में पार्टी उस सीट पर बीजेपी को हराने की पुरजोर कोशिश करेगी.

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इन सीटों को किया चिन्हित

जर्नादन प्रसाद ने जानकारी दी कि वामपंथी दलों के संयुक्त प्रस्ताव में चारों पार्टियों के लिए सीटों को चिन्हित कर लिया गया है. जिसमें सीपीआइएम की ओर से राजमहल में गोपी सोरेन प्रत्याशी होंगे. वहीं माले ने कोडरमा और पलामू, सीपीआइ ने हजारीबाग सीट पर उम्मीदवार देने का मन बनाया है. साथ ही आगे की स्थिति के बाद और भी सीटों पर पार्टी अपने उम्मीदवार दे सकती है. लेकिन अभी यह तय नहीं है. वहीं मासस की ओर से धनबाद सीट पर प्रत्याशी संभावित है.

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महागठबंधन की घोषणा के बाद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा

इस दौरान सीपीआइ के भुनेश्वर मेहता ने कहा कि महागठबंधन की ओर से फिलहाल कुछ घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में महागठबंधन की घोषणा के बाद ही वामपंथी दल अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे. सीपीआइएम की ओर से राजमहल के गोपी सोरेन का नाम तय है. बाकी उम्मीदवारों की घोषणा महागठबंधन के बाद की जाएगी.

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कहीं भी एक दूसरे के विरोधी नहीं होंगे वामपंथी

सीपीआइएम के गोपीकांत बख्शी ने कहा कि वामपंथी दल कहीं भी एक दूसरे के विरोध में प्रत्याशी नहीं उतारेंगे. पहले से ही तय है कि वामपंथी एक दूसरे को लेकर चुनाव लड़ेंगे. क्योंकि वामपंथियों का प्रमुख एजेंडा है कि चुनाव में बीजेपी की जीत को रोका जाये. उन्हेांने कहा कि वामपंथी दल ऐसे स्थानों में ही अपने उम्मीदवार देंगे जहां वामपंथियों की पकड़ है.

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