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कारण जानें, तीन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस नहीं बन पायेंगे सुप्रीम कोर्ट के जज

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा तीन उच्च न्यायालयों के चीफ जस्टिस को प्रोन्नति नही देने का फैसला किये जाने की खबर है

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 NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा तीन उच्च न्यायालयों के चीफ जस्टिस को प्रोन्नति नही देने का फैसला किये जाने की खबर है. द टेलीग्राफ के अनुसार एक मुख्य न्यायाधीश का नाम इसलिए क्लियर नहीं किया गया क्योंकि उनके उच्च न्यायालय में मामलों का ज्यादा बैकलॉग होने के बावजूद वे छुट्टी लेकर गोल्फ खेलने चले गये थे. द टेलीग्राफ ने उच्च-पदस्थ सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है. सूत्र के हवाले से द टेलीग्राफ ने कहा कि वह मुख्य न्यायाधीश अकेले नहीं गये थे, बल्कि गोल्फ खेलने को कुछ और जज भी छुट्टी लेकर साथ गये थे. दूसरे जज के बारे में कहा गया कि एक उन्होंने रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज को खुश करने के लिए एक लोक सेवा आयोग के खिलाफ कुछ फैसले दे दिये.  एक अन्य  चीफ जस्टिस लगातार राज्य सरकार के हेलिकॉपटर यूज करते रहे हैं.

बता दें कि कॉलेजियम में भारत के सीजेआई रंजन गोगोई , जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबदे, जस्टिस एनवी रमण और जस्टिस अरुण मिश्रा शामिल हैं. अखबार ने सूत्र के हवाले से लिखा है,  हमें इन तीन मुख्य न्यायाधीशों  के खिलाफ कुछ बातें पता चलीं थीं और उनकी रोशनी में, उऩ्हें  सुप्रीम कोर्ट में लाने का फैसला मुश्किल हो जाता.

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सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्तियों तथा ट्रांसफर के लिए गाइडलाइंस तय हैं

हम तीनों मुख्य न्यायाधीशों के नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहते, क्योंकि इससे निरंतरता अस्थिर होगी. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पांचों जज इस फैसले पर एकमत हैं या नहीं. बता दें कि तकनीकी रूप से अगर एक जज भी विरोध करता है तो उस पर विचार नहीं किया जाता. कॉलेजियम और सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्तियों तथा ट्रांसफर के लिए गाइडलाइंस तय हैं. उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को स्वत: सुप्रीम कोर्ट भेजे जाने का अधिकार नहीं है. परिपाटी के अनुसार अखिल भारतीय स़्तर पर सीनियरिटी के हिसाब से उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति  सुप्रीम कोर्ट में की जाती है.

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