न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

झारखंड नहीं दिल्ली के नेता करते हैं महागठबंधन पर बात, हमें मीडिया से मिलती है जानकारी : सुबोधकांत

640
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री का आरपीएन सिंह पर निशाना, कहा- आखिर उनके नेतृत्व में क्यों नेता छोड़ रहे कांग्रेस
  • चुनाव के ठीक पहले झारखंड कांग्रेस में गुटबाजी फिर से हावी

Ranchi :  झारखंड कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय और प्रदेश अध्यक्ष रह चुके डॉ अजय कुमार के बीच हुए संघर्ष का असर अभी कम ही हुआ था कि एक बार फिर कांग्रेस के अंदर नेताओं की बयानबाजी शुरू हो गयी है.

इस बार बयानबाजी सुबोधकांत सहाय ने वर्तमान प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह (जिसे वे दिल्ली के हाकिम कहते हैं) के नेतृत्व को लेकर किया है. उऩ्होंने कहा कि महागठबंधन को लेकर विपक्ष (जेएमएम कार्यकारी अध्य़क्ष हेमंत सोरेन) से बात करनेवालों को झारखंड की जमीन हकीकत का पता नहीं है.

Sport House

वहीं आरपीएन सिंह के नेतृत्व पर सवाल खड़ा कर उन्होंने पूछा है कि आखिर क्यों उनके नेतृत्व में कई प्रदेश स्तरीय नेता पार्टी छोड़ दूसरे दलों में जा रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – भूल गयी सरकारः #CM की घोषणा के बाद भी नहीं हुई दो हजार वनरक्षी की नियुक्ति, अब ठेके पर रखें जायेंगे 400 वनपाल

सुबोधकांत ने यह बातें 30 अक्टूबर को प्रस्तावित कांग्रेस की जनाक्रोश रैली को लेकर अपने आवास में बुलायी बैठक के बाद कहीं. इस दौरान सुबोधकांत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देख शीर्ष नेतृत्व से मांग की कि रांची विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार को उतारा जाये.

Mayfair 2-1-2020

आखिर क्यों असुरक्षित होकर नेता छोड़ रहे हैं पार्टी

सुबोधकांत ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के नेतृत्व में आखिर ऐसी क्या स्थिति बनी है कि आज पार्टी के कई नेता पार्टी को छोड़ कर दूसरे दल में चले गये हैं.

हरियाणा और महाराष्ट्र में पार्टी की हार के बाद प्रदेश सगंठन में बदलाव की मांग करते हुए कहा है कि यह सोचने की बात है कि दिल्ली के हाकिम के नेतृत्व में पार्टी छोड़नेवाले नेता अपने आप को क्यों असुरक्षित महसूस कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में एक पूर्व अध्यक्ष बीजेपी में तो एक अध्य़क्ष आप पार्टी में चले गये. वहीं वर्तमान प्रदेश अध्य़क्ष (रामेश्वर उरांव) घर पर सोये थे, तो भी उन्हें पता नहीं था कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है.

इसे भी पढ़ें – विपक्ष के सीएम सरकारी खर्चे पर गोवा में मनाते थे छुट्टियां, रघुवर दास ने बिना अवकाश लिए राज्य की सेवा की

दिल्ली के नेता करते हैं महागठबंधन की बात

महागठबंधन नहीं बनने पर आरपीएन सिंह पर सवाल खड़ा करते हुए सुबोधकांत ने कहा कि दिल्ली से आने वाले नेता महागठबंधन की बात कह कर वापस चले जाते है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मीडिया से इस बातचीत का पता चलता है.

ऐसा इसलिए क्योंकि बातचीत करनेवाले नेता को जमीन की प्राथमिकता का पता नहीं है. महागठबंधऩ की मजबूती के लिए उन्होंने बाबूलाल मरांडी और हेमंत सोरेन के मतभेद को दूर करने का काफी प्रयास किया था. उनके प्रयास से ही मरांडी ने हेमंत को राज्य का भावी मुख्यमंत्री स्वीकार किया.

उसके बावजूद आज महागठंबधन में जो बिखराव है, उसके लिए कांग्रेस को विशेष पहल करनी चाहिए, जो कि आज नहीं दिखता है.

अपनी राजनीति करते हैं या राज्य ईकाई की

आरपीएन सिंह पर राज्य राज्य इकाई को मजबूत नहीं करने का आरोप लगाते हुए सुबोधकांत ने कहा कि ऐसा कर वे क्या हासिल करना चाहते हैं. क्या वे अपनी राजनीति करना चाहते हैं या राज्य इकाई की.

राज्य इकाई को कमजोर कर वे पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश कर रहे हैं. सुबोधकांत ने कहा कि हाल में दो राज्यों के चुनाव में पार्टी की स्थिति क्या हुई, या किसी से छिपी नहीं है. उनकी लड़ाई इतनी ही है कि दिल्ली नेतृत्व देखे कि झारखंड कांग्रेस में अगर सुधार नहीं होता है कि परिणाम क्या होगा, सभी जानते हैं.

इसे भी पढ़ें – #BJP ज्वाइन करने के बाद अब किस पार्टी के विधायक हैं दलबदलू, बाबूलाल के सवाल पर बीजेपी का पलटवार

SP Deoghar

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like