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रांची में सीएम आवास घेरने निकले संविदाकर्मियों पर लाठीचार्ज, गर्भवती महिला को भी नहीं बख्शा

बिरसा चौक पर तनावपूर्ण हुआ माहौल, नारेबाजी कर रहे आंदोलित कर्मी

Ranchi : सीएम आवास घेरने के लिए गोलबंद हुए 14 वें वित्त आयोग के संविदाकर्मियों की राजधानी के बिरसा चौक पर पुलिस से तीखी झड़प हुई है. पुलिस बल ने आंदोलित कर्मियों को रोकने के लिए लाठी चार्ज भी किया है. इसमें गर्भवती महिला समेत कई कर्मी घायल हुए हैं. गर्भवती महिला समेत तीन को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

घायल कर्मियों में गढ़वा के नीरज पाल व कोडरमा के एक संविदा कर्मी शामिल है. नीरज पाल की स्थिति गंभीर बतायी जा रही है. इसके अलावा धनबाद जिला के 14 वित्त के कनीय अभियंता शिव कुमार दास का पैर लाठीचार्ज के दौरान फ्रैक्चर हो चुका है एवं लेखा लिपिक सुजीत सोरेन को सिर में काफी ज्यादा चोट है.

घायल गर्भवती महिला अनीता लंगड़ा ब्लॉक की रहनेवाली हैं. बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पुलिस की लाठी उस पर बरसती रही. महिला ने बताया की पुलिस लाठी भागते हुए उसकी ओर आयी और जब उसने अपनी वस्तु स्थिति बयां की तो भी लाठी रुकने का नाम नहीं ले रही थी. स्थिति यह है कि उसके पैर में काफी चोट लगी है और वह अब चलने की स्थिति में फिलहाल नहीं है.

लाठी चार्ज के बाद आंदोलित संविदाकर्मी और उत्तेजित हो गये हैं. वे पुलिस-प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.

बता दें कि आंदोलित संविदाकर्मी पिछले कई दिनों से बिरसा चौक पर धरना दे रहे थे. आज उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया था. उन्होंने जैसे ही जुलूस की शक्ल में बिरसा चौक से आगे बढ़ने की कोशिश की, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक रोका. इस दौरान लाठी चार्ज भी किया गया.

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कौन हैं ये संविदाकर्मी और क्या है इनकी समस्या

कर्मचारी संघ के अनुसार सभी जिलों में 14वें वित्त आयोग के शुरुआती वर्षों में (2015 -16) संविदा पर जूनियर इंजानियर और कंप्यूटर ऑपरेटर रखे गये थे. हर प्रखंड में दो जूनियर इंजीनियर और प्रत्येक तीन पंचायत पर एक लेखा लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गयी थी.

14वें वित्त आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त हो गया. इसके बाद पंचायतों में राशि शेष रहने के आधार पर जिलों के डीसी को इन कर्मचारियों को अधिकतम 3 माह का संविदा अवधि विस्तार करने को निर्देशित किया गया था.

पिछले 9 महीनों में संघ कर्मियों द्वारा अवधि विस्तार की मांगों को लेकर सीएम, ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम सहित अन्य मंत्रियों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया था. पर अभी तक सरकार तथा विभाग द्वारा किसी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं की गयी है.

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1600 कर्मचारी आये सड़कों पर

संविदा विस्तार होने औऱ दूसरे मसलों को लेकर 17 दिसंबर, 2020 से कर्मी हड़ताल पर हैं. संघ के मुताबिक राज्यभर में एकाउंटेंट सह कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर इंजीनियरों की कुल संख्या 1600 है.

31 दिसंबर, 2020 के बाद से तकरीबन सभी बेरोजगार हो गये हैं. इन कर्मियों से पंचायत स्तर पर होने वाली सभी प्रकार के कार्यों में सेवा ली जाती थी. कोरोना काल में सेवा देने के बावजूद अनेक कर्मियों का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है.

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