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लातेहारः अवैध बालू की हो रही ढुलाई, वन विभाग बना है तमाशबीन

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Latehar:  जिलेभर में जल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. कारण भीषण गर्मी अपने प्रकोप में लगातार बढ़ोतरी कर रही है. जिससे जलस्तर लगातार नीचे की ओर खींचा चला जा रहा है. हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि एक तरफ लगातार जल संकट बढ़ने से नदी, कुएं सूखे की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अवैध कारोबारी भारी मात्रा में बालू उठाव कर मोटी रकम वसूल रहे हैं.

इससे नदियों का नुकसान हो रहा है. ऐसा नहीं है कि इस बात की जानकारी वन विभाग या पुलिस को नहीं है. पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी विभाग के कर्मी खामोश बैठे हैं. बता दें कि बालू से भरी कुछ गाड़ियां थाना गेट से कुछ दूरी से होकर गुजरती हैं.

लेकिन प्रशासन खामोशी की चादर ओढ़े कार्रवाई के नाम पर मुंह ताकता रहता है. ऐसे में फिलहाल तो यही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इस पूरे खेल में विभागीय सहयोग कारोबारियों को मिला हुआ है. बालू लदी गाड़िया अक्सर पुलिस हिरासत में लेकर थाने तक ले तो जाती है, लेकिन फिर उनको छोड़ दिया जाता है. यह पूरा खेल लातेहार ज़िले के गारू प्रखंड में चल रहा है.

आपको बता दे कि अधिकारियों की मिलीभगत से इस प्रखंड में अवैध कारोबारियों की हिम्मत आसमान छूने लगी है. गारू प्रखंड के कोयल नदी से बड़े पैमाने में बालू की ढुलाई हो रही है. न्यूजविंग को मिली जानकारी के मुताबिक प्रखंड मुख्यालय के एक व्यक्ति द्वारा बड़े पैमाने पर बालू स्टोर किया जा रहा है. जिसे बरसात का मौसम शुरू होते की मनमानी कीमत पर बेचा जा सके.

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अवैध कारोबारियों ने घाट भी बना दिये हैं

लुहुरटांड, हेसवा, रुद्र समेत कई अन्य जगहों पर बालू माफिया द्वारा बालू उठाव के लिए घाट तक बनाये गये हैं. यहां से रैयती जमीन का हवाला देकर नदी से बड़े पैमाने में बालू की ढुलाई की जा रही है.

हालांकि यह पूरा खेल वन विभाग के द्वारा सख्ती बरतने पर कुछ दिनों के लिए बंद तो होता है. लेकिन देखते ही देखते फिर आरंभ हो जाता है. कुछ कारोबारियो का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री आवास व शौचालय निर्माण के लिए बालू उठाया जाता है.

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