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#Latehar: बाहर से मजदूरी कर लौटा तो पीडीएस डीलर ने कोरोना बताकर नहीं दिया राशन, सीएम ने लिया संज्ञान

Latehar: कोरोना वायरस के कारण जहां लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है, वहीं कुछ लोग इसकी आड़ में अपना उल्लू सीधा कर ले रहे हैं.

पलामू प्रमंडल के लातेहार जिले में एक पीडीएस डीलर के पति ने एक लाभुक को यह कहकर राशन नहीं दिया कि वह बाहर से मजदूरी कर लौटा है, जरूर उसे कोरोना होगा.

हालांकि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को ट्वीट किये जाने पर सीएम हेमंत सोरेन ने इसे गंभीरता से लिया है और लातेहार जिला प्रशासन को अविलंब प्रभावित परिवार को राशन मुहैया कराने का निर्देश दिया है.

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मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी को इस तरह की अफवाह से परेशानी ना हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाये.

साथ ही राशन उठाव से संबंधित किसी तरह की परेशानी होने पर टोल फ्री नंबर 1967 पर शिकायत करने की अपील की है.

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ये है पूरा मामला

#Latehar: बाहर से मजदूरी कर लौटा तो पीडीएस डीलर ने कोरोना बताकर नहीं दिया राशन, सीएम ने लिया संज्ञान
भुक्तभोगी का शिकायत पत्र.

जानकारी के अनुसार लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के चेटर पंचायत अंतर्गत रूद गांव की चिंतामणि देवी बेटी पाचो देवी के नाम से निर्गत लाल कार्ड (संख्या 20202891429) लेकर चमेली महिला स्वय सहायता समूह डीलर के पास राशन लेनी गयी थी.

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उसका सात सदस्यों का परिवार है. चिंतामणि देवी को छोड़कर परिवार के अन्य सदस्य बाहर रहकर मजदूरी करते हैं. पिछले दिनों वह भी मजदूरी कर लौटी है.

चिंतामणि देवी का आरोप है कि जब राशन मांगने लगे तो डीलर के पति भोला सिंह ने यह कहते हुए खाद्यान्न नहीं दिया कि वह बाहर से मजदूरी कर लौटी है और उसे कोरोना हो सकता है. डांट-फटकार लगाकर भगा दिया गया.

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एमओ से की शिकायत

चिंतामणि देवी ने इस सिलसिले में चंदवा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से शिकायत की है. कहा है कि उसे दिसम्बर में नवम्बर माह का राशन मिला था. दिसम्बर से अप्रैल माह तक का राशन बकाया है.

उसके घर में खाने का एक दाना तक नहीं है. राशन मिलने से उसे राहत मिल सकेगी.

सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सिंह द्वारा जांच पड़ताल की गयी तो डीलर द्वारा बताया गया है कि लाभुक का राशन कार्ड कट गया हैं, जबकि चिंतामनि देवी विधवा हैं और उसके घर की स्थिति खराब हैं.

वह रोज मजदूरी करती थी और गांव घर में किसी किसी का काम करके किसी तरह अपना पेट चलाती है. लॉक डाउन होने के बाद से उसे काम भी नहीं मिल पाता. ऐसे में वह भूखे रहने पर मजबूर है.

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