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लातेहार मॉब लिंचिंगः आठों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, दो लोगों की कर दी थी हत्या

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Latehar : लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के खपरेलवर गांव में साल 2016 में हुई मॉब लिंचिंग के मामले में अदालत ने शुक्रवार को दोषियों को सजा सुनायी. अदालत ने मामले में दोषी पाये गये 8 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है, साथ ही आठों पर 25-25 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है. वहीं जुर्माना नहीं देने पर एक साल अधिक जेल में रहना होगा. घटना 18 मार्च 2016 की है. मामले में दो दिन पहले अदालत ने आठ आरोपियों को दो लोगों की हत्या का दोषी माना था. कथित रुप से गो तस्करी के आरोप में दो पशु विक्रेता इम्तेयाज खा और मजरुम अंसारी की पीट-पीटकर पहले हत्या कर दी गयी थी और फिर उन्हें रस्सी में बांध कर पेड़ से लटका दिया गया था. इससे पहले 19 नवंबर को आठों आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार दिया था. सभी आरोपी झाबर गांव के ही रहने वाले हैं. सभी अभियुक्त गो रक्षा मंच के सदस्य भी हैं.

मॉब लिंचिंग के आऱोपियों को सजा सुनाये जाने का झारखंड में यह दूसरा मामला है. इससे पहले रामगढ़ की अदालत ने वहां हुए म़ॉब लिंचिंग के मामले में आरोपियों के खिलाफ सजा सुनायी थी. हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अभी सभी आरोपी बाहर हैं. आरोपियों को फूल माला पहना कर स्वागत करने को लेकर हजारीबाग सांसद और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की बदनामी हुई थी. उनके पिता यशवंत सिन्हा तक ने जयंत सिन्हा को एक नालायक बेटा तक कहा था.

क्या था मामला

18 मार्च 2016 को बालूमाथ थाना क्षेत्र के खपरेलवर गांव में पशु विक्रेता मजलूम इम्तेयाज खा और मजरुम अंसारी मवेशी लेकर जा रहे थे. तभी कुछ लोगो ने उन्हें घेर लिया. दोनों की पीट-पीट कर हत्या कर दी. फिर शवों के गले में रस्सी बांध कर पेड़ से लटका दिया था. मॉब लिचिंग के इस मामले में पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद आठ आरोपियों मिथलेस साहू, प्रमोद साहू, अवधेश साहू, मनोज साहू, अरुण साहू, सहदेव सोनी, विशाल तिवारी और मनोज कुमार साव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. सभी आठों अभियुक्त गो रक्षा मंच के सदस्य हैं. लेकिन आठों अभियुक्तों ने हाईकोर्ट से तीन महीने बाद ही बेल ले ली थी.
व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) ऋषिकेश कुमार की अदालत ने 19 अक्टूबर को आठों आरोपियों को मॉब लिंचिंग का दोषी करार दिया था. वहीं मृतक के परिवार वालों ने कोर्ट से आठों के लिये आजीवन कारावास या फांसी की सजा की मांग की है.

कोर्ट में बढ़ गयी थी हलचल

कोर्ट में सुबह से ही काफी हलचल देखने को मिली. वहीं गौ रक्षा क्रांति मंच के सदस्यों को पुलिस ने सिविल कोर्ट परिसर से बाहर निकाल दिया. इसके अलावा कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गयी थी.

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