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लातेहार: कोल माफिया और कई पुलिस पदाधिकारियों की मिलीभगत से होता था अवैध कारोबार, प्रति ट्रक मिलते थे 17000

Latehar: जिले के बालूमाथ में अवैध कोयले का कारोबार होता था. प्रतिदिन 15 से 20 ट्रकों में अवैध कोयला लाद कर के बिहार और यूपी के मंडी के अलावा लोकल के ईंट भट्ठों में भेजा जा रहा था. यह काम स्थानीय कोयला माफिया और कई पुलिस पदाधिकारियों की मिली भगत से हो रहा था. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अवैध कोयले के इस कारोबार में प्रत्येक ट्रक बालूमाथ पुलिस को 17 हजार रूपए मिलते थे. इन रुपयों का बंटवारा एसडीपीओ, थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर और सिपाही स्तर के लोगों के बीच होता था.

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जानिए कैसे होता था कोयले का अवैध कारोबार

लातेहार के पांच रेलवे साइडिंग (बालूमाथ, टोरी, फुलबसिया, बुकरु व कुसमाही बीराटोली) हैं. जहां से रैक के जरिये कोयला दूसरे राज्यों में भेजा जाता है. जानकारी के मुताबिक, कोयला ट्रांसपोर्टिंग का अधिकांश काम तीन बड़े ट्रांसपोर्टर के जिम्मे है. चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित मगध और आम्रपाली कोल परियोजना से इन पांचों रेलवे साइडिंग में कोयला भेजा जाता है.

चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित मगध और आम्रपाली कोल परियोजना से इन पांचों रेलवे साइडिंग में कोयला भेजा जाता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इसी दौरान सीसीएल कर्मी और कोयला कारोबारी की मिलीभगत से ट्रक व डंपर में चालान से अधिक कोयला लोड कर दिया जाता है. फिर उसे लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के बरियातू इलाके के आरा, चमातू व अमरवाडीह में उतारकर जमा किया जाता है. यह काम हर दिन होता था.

रात के अंधेरे में जमा किये गये कोयले को ट्रकों के जरिये फिर ट्रक पर लोड कर ईंट-भट्ठों व बिहार और यूपी के मंडी तक पहुंचाने का काम पिछले कई सालों से चल रहा है. स्थानीय कोयला माफिया के द्वारा 40- 50 हजार रुपया प्रति ट्रक कोयला बेचा जाता था. इसके बाद ये कोयला कारोबारी के द्वारा यूपी के वाराणसी और बिहार के मंडी में 5500 से 6000 के बीच बेचा जाता है.

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पानी डाल कर बढ़ा दिया जाता है वज़न

कोयले का अवैध कारोबार करने वाले कारोबारी ट्रक और हाईवा चालकों से मिलीभगत करके कारोबार करते हैं. गौरतलब है कि ट्रक चालक, कोयला लोड करके जाने के क्रम में एक से दो टन कोयला रास्ते में उतार देते हैं, फिर ट्रक में लोड कोयला में पानी मिला दिया जाता है.जिससे कोयला का वजन बराबर हो जाता है.

मिलीभगत से होता था अवैध कारोबार

बालूमाथ में अवैध तरीके से प्रतिदिन तीन दर्जन से अधिक ट्रकों में कोयला लाद कर विभिन्न प्रदेशों की ईंट भट्ठों में भेजा जा रहा था. यह काम स्थानीय कोयला माफिया और कई पुलिस पदाधिकारियों की मिली भगत से हो रहा था. लातेहार के एसपी प्रशांत आनंद द्वारा करायी गयी जांच में इसकी पुष्टि हुई है, जिसके बाद मंगलवार को बालूमाथ एसडीपीओ रणवीर सिंह को लातेहार मुख्यालय में रहने का आदेश दिया गया है. उनके आर्म्स गार्ड को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा बालूमाथ थानेदार सह इंस्पेक्टर राजेश मंडल को लाइन क्लोज कर दिया गया है. साथ ही इन्हें सस्पेंड करने की अनुशंसा रेंज डीआइजी से की गयी है.

सूत्रों के अनुसार, कोयले के इस खेल में कोल माफिया और पुलिस अफसरों के बीच पैसों का ऑनलाइन लेन-देन हुआ है. हालांकि,अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं.

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