न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

लातेहार : ग्रामीणों का आरोप, लीज एरिया को छोड़ रैयती जमीन में खनन कर रही प्रिया स्टोन माइंस

इस बात को लेकर रविवार को गांव को सैकड़ों महिला-पुरुषों ने प्रदर्शन किया.

1,140

Latehar : जिले के महुआडांड़ के पंचायत चम्पा स्थित कुरून्द ग्राम में स्थापित प्रिया स्टोन माइंस पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वह लीज एरिया के बाहर रैयती जमीन पर अवैध रूप से पत्थर खनन कर रही है.

इस बात को लेकर रविवार को गांव को सैकड़ों महिला-पुरुषों ने प्रदर्शन किया. इसकी सूचना पाकर महुआडांड़ थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.

इसे भी पढ़ें : झारखंड में फिर से एक हो सकते हैं भाकपा माओवादी और टीपीसी, हो चुकी हैं टॉप लीडरों की दो बैठकें

22 अक्टूबर तक है लीज की अवधि 

जानकारी के अनुसार, प्रिया स्टोन माइंस का क्षेत्रफल 7 एकड़ 15 डिसमिल है, जिसके अंतर्गत खाता नं. 73, 15, 87 प्लॉट नं. 162, 213, 214 हैं. लीज की अवधि 22 अक्टूबर 2014 से 22 अक्टूबर 2019 तक है.

कुलदीप मुन्ना बेक ने जिला परिषद सदस्य मनीना कुजूर को दिये आवेदन में प्रिया स्टोन माइंस के संवेदक सीताराम प्रसाद पर लीज की जमीन को छोड़कर रैयती जमीन खाता न.141 प्लॉट नं 469 पर अवैध खनन कर पत्थरों की चोरी का आरोप लगाया है और उचित कार्रवाई की मांग की है.

कुलदीप बैक की पत्नी अल्बीना एक्का ने बताया कि उनकी जमीन पर अवैध खनन को लेकर  अंचल कार्यालय, एसडीओ कार्यालय, एसडीपीओ महुआडांड़ व उपायुक्त लातेहार को भी आवेदन दिया गया है.

इसे भी पढ़ें : रांची, हटिया, धनबाद और सिंदरी के लिए BJP में अभी से लॉबिंग शुरू, कट सकता है सिटिंग MLA का टिकट!

जनसंवाद से जांच का पत्र आया पर कार्रवाई नहीं हुई

अल्बीना ने कहा कि मुख्यमंत्री जनसंवाद में भी आवेदन दिया गया, जिस पर रांची से लातेहार में मामले की जांच के लिए पत्र भी प्राप्त हुआ, पर अधिकारी की मिलीभगत से चार सालों से कोई कार्रवाई नहीं हुई.

मामले के संबंध में जिला परिषद सदस्य ने कहा कि आवेदनकर्ता के आवेदन के आलोक में जिला खनन पदाधिकारी लातेहार को आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की गयी है.

पंचायत की मुखिया सुषमा कुजूर, पूर्व मुखिया आनंद राजेश कुजूर सहित दर्जनों महिला-पुरुषों ने बताया कि लीज की जमीन का खाता प्लॉट अलग है और खनन रैयती जमीन पर किया जा रहा है. मालिक बिना लीज की जमीन पर बिना अनुमति के अवैध खनन पिछले चार सालों से कर रहा है.

10 कदम दूर है स्कूल

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि एनएच रोड से 10 कदम पर स्कूल भी है. ब्लास्ट करने से पहले गांव वालों को सूचना नहीं दी जाती. बारुद के विस्फोट से सारा इलाका थर्रा जाता है. डर हमेशा बना रहता है. कई बार वन विभाग के द्वारा भी खनन विभाग को क्रेशर बंद करने का पत्र निर्गत किया जा चुका है.

इसे भी पढ़ें : SAIL के कारखाने बिकेंगे नहीं, लेकिन निजीकरण और ज्वाइंट वेंचर के दरवाजे खुले हैं: इस्पात मंत्री

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

you're currently offline

%d bloggers like this: