न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

एक साथ 38 शवों को दी गई मुखाग्नि, अत्मा को मिली मुक्ति

मुक्ति संस्थान के द्वारा किया जाता है अंतिम संस्कार

620

Ranchi: बेनाम शवों को एक साथ मुखाग्नि और पंचतत्व में विलीन होते ही मिल गई मुक्ति. जी हां, मुक्ति संस्था रांची के द्वारा पिछले कई वर्षों से ऐसे ही बेनाम शवों का अंतिम संस्कार कर आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति करवाता है. मुक्ति संस्था द्वारा रांची के बूटी मोड़ स्थित जुमार पुल में में एक साथ 38 शवों का अंतिम संस्कार किया गया. जिसमें मुक्ति संस्था के सदस्यों ने पुरे विधि विधान से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया.

eidbanner

इसे भी पढ़ें- खूंटी : ग्रामीणों को ईसाई धर्म छोड़ने की मिल रही धमकी, डीसी-एसपी से सुरक्षा की लगायी गुहार

लावारिस लाशों को दी गई मुखाग्नि

कहा गया है किसी भी मरने वाले को मुखाग्नि देना बहुत ही पुण्य का काम होता है. मगर कई ऐसे लोग हैं जो विभिन्न दुर्घटनाओं में मौत हो जाने के बाद उनका शव उनके परिजनों को नहीं मिल पाती है. ऐसे ही लावारिश शव राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के पोस्टमार्टम रूम में पड़े रहते हैं. शवों का कोई परिजन नहीं होता जो इन्हें अंतिम संस्कार कर आत्मा को शांति और मोक्ष की राह पर ले जाता है.

जुमार पुल पर किया गया अंतिम संस्कार

ऐसे में मुक्ति सेवा संस्थान जो पिछले कई वर्षों से लावारिस लाशों को अंतिम संस्कार कर एक मिसाल कायम कर रहे हैं. रविवार को रिम्स में पड़े अज्ञात 38 शवों को संस्थान ने जुमार पुल स्थित नदी के पास पूरे विधि विधान से मुखाग्नि दिया एवं उनका अंतिम संस्कार किया गया.

इसे भी पढ़ें- 2019 लोकसभा चुनाव : ममता बनर्जी ने कहा, भाजपा को बाहर करने के लिए कांग्रेस का साथ पसंद है

मुक्ति संस्थान के द्वारा किया जाता है अंतिम संस्कार

ज्ञात हो कि पहले रिम्स के पोस्टमार्टम में कई महीनों से अज्ञात शव पड़े रहते थे. जिसकी स्थिति काफी दयनीय हो जाती थी मगर संस्था के आगे आने से शवों को आदर सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना किया जा रहा है.

अब तक 605 शवों का किया अंत्योष्टि

संस्थान के अधीक्ष प्रवीन लोहिया ने कहा कि पिछले कई वर्षों से संस्थान के द्वारा बेनाम शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि संस्था के द्वारा शुरुआत हजरीबाग के खालिद नाम के व्यक्ति ने की थी. बाद खालिद ने संस्था के लोगों से मदद मांगी. जिसके बाद हमलोग लगतार इस काम को अंजाम दे रहे है. अब तक 605 शवों को अंतिम संस्कार कर चुके है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: