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पांच साल में सीएम ने सरकार के प्रचार में खर्च किये 343 करोड़, सिर्फ विज्ञापन पर 243 करोड़ का खर्च

2014-15 से सूचना और जनसंपर्क विभाग का बजट बना 436.75 करोड़

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Ranchi : सूचना और जनसंपर्क विभाग अब मुख्यमंत्री रघुवर दास की उपलब्धियों, सरकार के कार्यकलापों का प्रचार प्रसार करने का उपक्रम बन कर रह गया है. 2014-15 से लेकर 2018-19 तक विभाग की तरफ से सीएम की उपलब्धियां और सरकारी कार्यकलापों के प्रचार-प्रसार और विज्ञापन में 343 करोड़ रुपये खर्च किये.

इसमें विज्ञापन (प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक मीडिया) में लगभग 243 करोड़ और फ्लेक्स, होर्डिंग्स और अन्य प्रचार सामग्रियों के लिए 103.50 करोड़ रुपये खर्च किये गये. चालू वित्तीय वर्ष में प्रचार प्रसार के लिए 21 करोड़ और विज्ञापन में एक अरब रुपये खर्च किये जायेंगे.

मुख्यमंत्री खुद इस विभाग के विभागीय मंत्री भी हैं. मुख्यमंत्री की ब्रांडिंग करने के लिए इस विभाग ने 2017-18 में अर्न्स्ट एंड यंग कंपनी के साथ द्विपक्षीय समझौता किया था. इसके अलावा सूचना भवन में एक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट भी बनाने की बात थी. अब पीआरडी विभाग की गतिविधियां एक बाहरी एजेंसी के द्वारा संचालित की जाती हैं, जिसके अधीन कई कर्मी कांट्रैक्ट पर रखे गये हैं.

अर्नस्ट एंड यंग कंपनी को सरकार ने 23 करोड़ रुपये दिये थे. इसी समय से विज्ञापन और फ्लेक्स तथा होर्डिंग्स के जरिये सीएम के कार्यों की ब्रांडिंग करने की गतिविधियां शुरू की गयीं. इतना ही नहीं सरकार की तरफ से सभी जिलों में एलइडी वाहन के जरिये भी सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये गये.

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फिल्म निर्माण, फिल्म सिटी, मल्टीप्लेक्स की स्थापना को बढ़ावा देने की बनी थी योजना

सूचना और जनसंपर्क विभाग की तरफ से झारखंड में फिल्म निर्माण, फिल्म सिटी बनाने, मल्टीप्लेक्स की स्थापना को बढ़ावा देने की घोषणा की गयी थी. फिल्म निर्माताओं को वित्तीय सहायता 2017-18 से शुरू की गयी.

तब से प्रत्येक वर्ष 10-10 करोड़ रुपये फिल्म निर्देशकों को दिये गये. इसमें महेश भट्ट, भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन और अन्य प्रमुख हैं. सरकार की तरफ से फिल्म और डाक्यूमेंट्री और विज्ञापन बनाने के लिए भी 32.41 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया.

पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, पेंशन योजना और अन्य घोषणाएं भी की गयी. पर इसकी सफलता का प्रतिशत क्या है, यह कागजों में ही सीमित है. पत्रकार बीमा योजना, पेंशन योजना के लिए नीतिगत फैसला लिये जाने में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रोनिक मीडिया से जुड़ी कंपनियों के बीच एका नहीं बनना भी योजना के सफल नहीं होने में बाधक बन गया है.

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प्रेस क्लब के गठन में खर्च हुए 25 करोड़

रांची प्रेस क्लब सरकार की तरफ से बनाया गया है. रांची में बने इस प्रेस क्लब की कार्यकारिणी का गठन डेढ़ वर्ष पहले किया गया था. अब प्रेस क्लब में 22 कमरे, व्यायामशाला और लाउंज का इस्तेमाल किराये में देकर किया जा रहा है. शादी-ब्याह तथा अन्य अवसर में प्रेस क्लब किराये पर दिया जा रहा है.

विज्ञापन और प्रचार-प्रसार में खर्च हुई राशि

वित्तीय वर्षविज्ञापन का खर्चहोर्डिंग्स-फ्लेक्स का खर्च
2014-1540 करोड़11 करोड़
2015-1635 करोड़11 करोड़
2016-1755 करोड़20 करोड़
2017-1830 करोड़45.20 करोड़
2018-1980 करोड़16 करोड़
2019-20100 करोड़21 करोड़

नोट : 2019-20 के आंकड़े प्रस्तावित हैं

विभाग का वित्तीय वर्ष बजट

2014-15 – 25 करोड़.
2015-16 – 35 करोड़.
2016-17 – 39 करोड़.
2017-18 – पहले 64 करोड़, जिसे बढ़ाकर 115.25 करोड़ किया गया.
2018-19 – 70 करोड़, बाद में 97.87 करोड़ किया गया.
2019-20 – 126.62 करोड़ (प्रस्तावित).

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