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कृषि विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर बड़े लेन-देन किये जा रहे हैं : संतोष कुमार

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Ranchi : राज्य में हर दिन भ्रष्टाचार के नये-नये खुलासे हो रहे हैं. सरकार भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूब गयी है. अपने फायदे के अलावा अब यह सरकार राज्य में और कुछ नहीं कर सकती. उक्त बातें झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय सचिव संतोष कुमार ने प्रेस बयान जारी कर कहीं. उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार के काल में सबसे अधिक ट्रांसफर-पोस्टिंग की जा रही है. अपने मनचाहे पदाधिकारियों को सरकार लाना चाहती है. वहीं, जो पदाधिकारी ईमानदारी से कार्य करते हैं, सरकार उन्हें सुदूर क्षेत्रों में भेज देती है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कृषि विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर बड़ी रकम के लेन-देन किये जा रहे हैं, जिसमें विभागीय मंत्री रणधीर सिंह खुद लिप्त हैं.

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कृषि पदाधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार

संतोष कुमार ने कहा कि राज्य के हजारीबाग, रामगढ़ के कृषि पदाधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिये जाने की कार्रवाई की गयी है. ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि पूर्व से पदस्थापित पदाधिकारी राशि गबन के मामले में कारागार में बंद हैं. उन्होंने कहा कि इसके पूर्व कृषि निदेशक की ओर से पांच पदाधिकारियों को जिला कृषि पदाधिकारी बनाने के लिए नामित किया गया था, लेकिन मंत्री की ओर से उन नामों को खारिज करते हुए लोहरदगा जिला के कृषि पदाधिकारी को रामगढ़ और हजारीबाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इससे साफ होता है कि मंत्री विकास पर ध्यान न देते हुए स्वहित के लिए कार्यरत हैं.

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बिना योग्यता के बना दिया कृषि पदाधिकारी

संतोष कुमार ने कहा कि चार माह पूर्व शैलेंद्र कुमार को लोहरदगा जिला का कृषि पदाधिकारी बना दिया गया, जबकि वह इसकी योग्यता नहीं रखते, क्योंकि इन्होंने कृषि में स्नातक नहीं किया है. जबकि, भारत सरकार की नियमावली के अनुसार बीएससी योग्यताधारी को ही जिला कृषि पदाधिकारी बनाया जा सकता है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों के आरोपियों पर कार्रवाई की जाये.

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